पानीपत। नाबालिग से शादी कर संबंध बनाने के दोषी तरुण को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया। दोषी पर 1.03 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
महिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता को दी शिकायत में नाबालिग की मां ने 12 अक्तूबर 2018 को बताया था कि उसकी बेटी की जन्मतिथि 18 मई 2001 है, जबकि आरोपी तरुण की आयु 18 वर्ष आठ माह है। दोनों की आयु शादी योग्य नहीं है। तरुण ने बेटी के साथ धोखे से शादी की है। बेटी घर से 95 हजार रुपये नकदी और ढाई लाख रुपये के जेवरात लेकर गई है। जबकि वह अपना भला बुरा सोचने में भी सक्षम नहीं है। इस शादी को खारिज किया जाए। जांच में मां के आरोप सही पाए गए। इसके बाद महिला प्रोटेक्शन अधिकारी ने पुलिस को बाल विवाह अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में बयान दर्ज कराया। आरोपी तरुण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
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पंचकूला में मनसा देवी मंदिर में जाकर की थी शादी
महिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों ने 10 अक्तूबर 2018 को पंचकूला में माता मनसा देवी मंदिर में हिंदू रिवाज के अनुसार विवाह किया था, जिसके बाद से वे पानीपत पुलिस लाइन में प्रोटेक्शन हाउस में रहने लगे थे।
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कोर्ट में दिखाए फर्जी आयु प्रमाणपत्र
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि शादी करने के लिए फर्जी आयु प्रमाणपत्र तैयार किए थे। खुद की आयु 12 जनवरी 2000 के बजाय छह जून 1997 कर पहले शादी कराने वाले पंडित को दिखाया। शादी के बाद वह एक होटल में ठहरे। उसके बाद उन्होंने फर्जी दस्तावेज दिखाकर कोर्ट से पुलिस सुरक्षा ली।
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किस धारा में कितनी सजा
धारा सजा जुर्माना जुर्माना न भरने पर सजा
पॉक्सो एक्ट-4 10 साल 20,000 रुपये एक साल
363 03 साल 10,000 रुपये तीन माह
366 05 साल 15,000 रुपये छह माह
376 10 साल 20,000 रुपये एक साल
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465 01 साल 1,000 रुपये 15 दिन
468 03 साल 15,000 रुपये छह माह
471 01 साल 1,000 रुपये 15 दिन
209 01 साल 1,000 रुपये 15 दिन
बाल विवाह एक्ट-9 -02 साल 10,000 रुपये तीन माह
बाल विवाह एक्ट-10- 02 साल 10,000 रुपये तीन माह