पानीपत में उत्तर प्रदेश के जलालाबाद के हजरत मौलाना की गाड़ी की उर्दू में लिखी नंबर प्लेट पर हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा और एवीबीपी ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी की अनदेखी करने और गाड़ी को पकड़वाने वालों को धमकाने का आरोप लगाया।
वहीं कांग्रेसी नेता डा. मुनीष अहमद अंसारी सहित मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर रोष व्यक्त किया और इसे किसी की भावना को ठेस पहुंचाने वाला बताया। इसको लेकर पहले संजय चौक और फिर सिटी थाने में जमकर विरोध चला। पुलिस ने गाड़ी का चालान काटकर आक्रोशित लोगों को शांत किया।
मामला बुधवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे का है। उत्तर प्रदेश के जलालाबाद के हजरत मौलाना हफीउल्ला अपनी गाड़ी में कई लोगों के साथ करनाल से जलालाबाद जा रहे थे। संजय चौक पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत कार्य समिति सदस्य विजय शर्मा समेत कई युवकों ने गाड़ी को रुकवा लिया और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को गाड़ी की नंबर प्लेट उर्दू में लिखी होने पर चालान करने की बात कही। इसी पर मामला पर मामला भड़क गया।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने चालान करने से मना कर दिया। इस पर एवीबीपी के सदस्य आक्रोशित हो गए और हंगामा मच गया। इस दौरान कांग्रेसी नेता डॉ. मुनीष अहमद अंसारी यहां पहुंचे। उन्होंने मौलाना हफीउल्ला से मामले को जाना और शांत करने का प्रयास किया।
एवीबीपी के सदस्यों के अड़ने पर मामला पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया। वहां मौजूद युवक कुछ भी करने की स्थिति में थे। इसी समय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भी वहां पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाड़ी को थाना शहर में ले जाया गया। जहां पर भाजपा निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक संजय भाटिया, गुलशन तलूजा समेत एवीबीपी और भाजपा कार्यकर्ता पहुंच गए।
उन्होंने गाड़ी पर कार्रवाई करने की मांग की। यहां पर भी भाजपा और एवीबीपी ने पुलिस पर अनदेखी बरतने के आरोप लगाए। यहां पर मामले को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने गाड़ी का चालान कर दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया।
पुलिसकर्मी से नहीं पढ़ी गई नंबर प्लेट
संजय चौक और सिटी थाने में पुलिसकर्मियों से गाड़ी की नंबर प्लेट पढ़वाई गई। लेकिन कोई उर्दू में लिखे नंबर प्लेट को नहीं पढ़ सका। गाड़ी की जांच करने पर उसमें अंग्रेजी में लिखी नंबर प्लेट मिली। इसमें यूपी का नंबर था। इसके बाद मोटर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ सका। इसको लेकर हंगामा खड़ा होने लगा तो कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लेकर गाड़ी का चालान कर दिया।
मौलाना ने कहा डेढ़ साल से चल रही है
मौलाना हफीउल्ला ने कहा कि वे डेढ़ साल से जलालाबाद से करनाल आते जाते रहे हैं। लेकिन आज उनकी गाड़ी को इस तरह से नहीं रोका गया। उन्होंने कहा कि कुछ युवकों ने सनौली रोड पर उनकी गाड़ी को रुकवा लिया और फिर संजय चौक पर ले आए। यहां पर उनकी गाड़ी की तलाशी लेने लगे और उल्टे सीधे शब्द बोलने शुरू कर दिए।
पुलिस की अनदेखी से बढ़ा मामला
मौके पर पहुंचे भाजपा निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक संजय भाटिया ने कहा कि मोटर एक्ट के तहत गाड़ी का चालान पुलिसकर्मियों को पहले ही कर देना चाहिए था। लेकिन पुलिसकर्मियों ने राजनीतिज्ञ दबाव के चलते चालान नहीं किया। डॉ. मुनीष अहमद अंसारी ने भी युवकों को धमकाया। इससे यह मामला भड़क गया। उन्होंने युवकों को समझाकर शांत कर दिया है और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने गाड़ी का चालान कर दिया है। दूसरी भाषा की गाड़ी की नंबर प्लेट लगाना गलत है। यातायात पुलिसकर्मी ही उसको पढ़ नहीं सकी।
संजय चौक पर पहुंचे कांग्रेसी नेता डा. मुनीष अहमद अंसारी ने कहा कि गाड़ी जलालाबाद, मुजफ्फरनगर, यूपी के हजरत मौलाना हफीउल्ला की थी। कुछ युवकों ने उनके साथ सनौली रोड पर जबरदस्ती की और गाड़ी को संजय चौक पर ले आए। गाड़ी का चालान करने के बाद भी वे हंगामा करते रहे। गाड़ी पर उर्दू में नंबर लिखे थे और यह अपराध था तो पुलिस ने चालान कर दिया। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिज्ञ रूप देने का प्रयास किया। उनका यह कदम गलत था।