समालखा के गांव आट्टा निवासी संजय अपहरण के मामले में पकड़े गए एक आरोपी ने संजय की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को हथवाला के पास यमुना में फेंकने की बात कबूली है।
पुलिस ने सोमवार को यमुना किनारे स्थित गन्ने के खेत से उसकी शर्ट और एक चप्पल भी बरामद की। वहीं पकड़े गए एक आरोपी को लेकर पुलिस ने परिजनों के साथ यमुना पर शव की तलाश भी की, परंतु कोई अता पता नहीं चल सका। दूसरी ओर संजय के परिजन पुलिस पर मामले में ढील बरतने का भी आरोप लगा रहे हैं।
संजय के भाई आट्टा निवासी जयपाल ने बताया कि उसका छोटा भाई संजय 14 सितंबर को दोपहर के समय भैंसों को चराकर लाया था। इसके बाद उसने खाना खाया। लेकिन चार बजे के करीब गांव का रविंद्र ने उसे फोन करके बुला लिया।
इसके बाद रविंद्र और उसका साथी नीटू संजय को अपने साथ ले गए। इस पर देर शाम तक संजय नहीं लौटा तो चार दिन बाद मामले की सूचना थाना पुलिस को दी। पुलिस ने जयपाल की शिकायत पर दो के खिलाफ संजय के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि अपहरण के मामले में नामजद रविंद्र को गिरफ्तार कर जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने अपने साथी नीटू के साथ मिलकर संजय को शराब पिलाकर उसकी हथवाला यमुना घाट के पास गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को यमुना में फेंक दिया था।
सोमवार को पुलिस पकड़े गए आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची ओर परिजनों के साथ शव की तलाश भी की, परंतु कोई अता पता नहीं चल सका। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
यमुना किनारे मिली चप्पल और शर्ट
पकड़े गए आरोपी रविंद्र ने पुलिस पूछताछ में संजय की हत्या कर शव को यमुना में फेंकने की बात कबूली है। इसी के चलते सोमवार को परिजनों के साथ ग्रामीण हथवाला घाट के पास यमुना पर पहुंचे ओर आस पास में शव की तलाश शुरू की तो पास के ही गन्ने के खेत में संजय की शर्ट और एक चप्पल बरामद हुई। दोनों चीजों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। वहीं संजय के परिजन ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई ढीली चल रही है।