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Panchkula News: आपकी फोटो, आपका नाम... फिर भी अकाउंट किसी और का, ऐसे शुरू होता है ठगी का खेल

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फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर दोस्तों-रिश्तेदारों से पैसे मांग रहे साइबर ठग, बीमारी और हादसे का बहाना बनाकर बनाते हैं दबाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सोशल मीडिया पर आपकी फोटो और नाम देखकर अगर कोई दोस्त या रिश्तेदार पैसे की मदद मांग रहा है तो तुरंत भरोसा न करें। साइबर ठग अब फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल साइट से लोगों की फोटो और सार्वजनिक जानकारी जुटाकर उनके नाम से फर्जी प्रोफाइल बना रहे हैं। इसके बाद इसी प्रोफाइल से दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट और मैसेज भेजकर अचानक पैसों की जरूरत बताई जाती है। कई मामलों में बीमारी, दुर्घटना, अस्पताल में भर्ती होने या किसी जरूरी काम का हवाला देकर तत्काल ऑनलाइन रकम भेजने का दबाव बनाया जाता है।
ठग भरोसा कायम करने के लिए फर्जी प्रोफाइल पर पीड़ित की असली फोटो, नाम और परिवार या दोस्तों से जुड़ी जानकारी तक इस्तेमाल करते हैं। कई पीड़ितों को ठगी का पता तब चलता है, जब कोई परिचित फोन कर बताता है कि उनके नाम से पैसे मांगे जा रहे हैं।
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रिटायर्ड मेजर जनरल के नाम से बनाई फर्जी प्रोफाइल
पंचकूला निवासी सेना से रिटायर्ड मेजर जनरल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाई गई। इस प्रोफाइल से उनके परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर पैसे ठगने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में एक आईपीएस अधिकारी के नाम से भी सोशल साइट पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया था।

ऐसे बचें साइबर ठगों से
सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट रखें और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें।
फोटो और परिवार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचें।
परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला मैसेज आए तो तुरंत रकम ट्रांसफर न करें।
संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर कॉल कर पहले पुष्टि करें।
अनजान यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड पर पैसे न भेजें।
अपने नाम से फर्जी प्रोफाइल मिले तो उसे तुरंत रिपोर्ट और ब्लॉक करें।
स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल लिंक, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और चैट सुरक्षित रखें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें।
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