मर चुके जमीन के मालिक की जगह फर्जी मालिक को तहसील में पेश कर जमीन की रजिस्टरी करा ली। इस धोखे का पता जब जमीन मालिक के बेटे को लगा, तो उसने पुलिस में शिकायत दी।
जांच के बाद अब कालका थाने में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस ने बद्दी निवासी करमचंद की शिकायत पर कालका निवासी जोगिंद्र कुमार, लंबरदार कृष्ण कुमार, राम प्रताप व नाडा निवासी चरण सिंह के खिलाफ नकली दस्तावेजों के दम पर प्रॉपर्टी नाम कराने का मामला दर्ज किया है।
करम चंद की शिकायत के मुताबिक, उसकी कालका के गांव रामपुर में सात बीघे जमीन है, जो उसके पिता राम स्वरूप के नाम पर है। पिछले दिनों उसे पता चला कि उसकी जमीन पर कोई और काम कर रहा है।
इसकी शिकायत उसने पुलिस को दी और अपने स्तर पर भी जांच कराई तो पता चला कि जमीन की रजिस्टरी कालका तहसील में जोगिंद्र व अन्य के नाम हो गई है।
यह बात सामने आने पर आश्चर्य हुआ कि उसके पिता की जमीन किसी और के नाम कैसे हो सकती है? इस धोखे के बारे में पुलिस में शिकायत दी गई।
पुलिस को जांच में पता चला कि रजिस्ट्री जोगिंद्र व दो अन्य के नाम पर हुई है। चूंकि असल मालिक राम स्वरूप की मौत हो चुकी थी, लिहाजा जोगिंद्र ने नाडा निवासी चरण सिंह को नकली राम रूवरूप के तौर पर तहसील में पेश किया और रजिस्ट्री कराई। इस रजिस्ट्री पर लंबरदार कृष्ण व राम प्रताप गवाह बने। कालका थाने में मामला दर्ज हो चुका है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चंडीमंदिर में दर्ज हुआ था ऐसा ही मामला
गत वर्ष चंडीमंदिर थाने में भी ऐसा ही मामला दर्ज हुआ था। चार लोगों ने मिलकर भानू गांव की जमीन धोखे से अपने नाम करा ली थी, जबकि जमीन के असली मालिकों की मौत हो चुकी थी। इस धोखे का पता जब दिल्ली में रहने वाले मालिकों के बेटों को लगा तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। चंडीमंदिर थाने में मामला दर्ज हुआ और आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था।