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कार्यशाला : ‘आमदनी बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती की तरफ जाना होगा’, एक दिवसीय कृषि कार्यशाला में प्रदेशभर के प्रगतिशील किसानों को मुख्यमंत्री ने संबोधित किया

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पंचकूला। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित एक दिवसीय कृषि कार्यशाला में प्रदेशभर के प्रगतिशील किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता पर ध्यान देकर खेती करने की आवश्यकता है। यह समय की मांग है और वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत हमें गुणवत्ता की चुनौती स्वीकार करके कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। आमदनी बढ़ानी है तो प्राकृतिक खेती की तरफ जाना ही पड़ेगा।
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उन्होंने खुशहाल बागवानी पोर्टल एवं फसल तुड़ाई के बाद प्रबंधन संबंधी जानकारी से युक्त पुस्तिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रगतिशील किसान सम्मान’ जिले एवं प्रदेश स्तर पर भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि वह हर वर्ष 10-10 और किसानों को ट्रेनिंग दें। इससेे दो से तीन साल में ही प्रगतिशील किसानों की संख्या कई गुणा बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि खेती है तो उद्योग है, तभी सर्विस सेक्टर है। इस कार्यशाला में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा बिजली मंत्री रणजीत सिंह और राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें किसानों की आमदनी बढ़ाने की योजनाओं पर फोकस करना है।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रगतिशील किसानों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर उन्हें ट्रेनिंग दें और यह क्रम लगातार चलाएं। इससे कृषि क्षेत्र में बदलाव आएगा। उन्होंने वर्टिकल फार्मिंग को भी इस दिशा में उपयोगी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष जलस्तर एक मीटर से भी ज्यादा नीचे जा रहा है। इस संकट के दृष्टिगत हमें प्रबंध करने होंगे। हर एकड़ का सॉयल हेल्थ कार्ड बनेगा। इसमें विद्यार्थी लर्निंग के साथ अर्निंग भी कर पाएंगे। विद्यार्थियों को सैंपल एकत्रित करने के लिए प्रति सैंपल 40 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
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आचार्य देवव्रत ने बताई प्राकृतिक खेती की तकनीक
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर बल देकर कहा कि एक देशी गाय का पालन करने से हम 30 एकड़ कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने से उत्पादन घटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कुरुक्षेत्र गुरुकुल के 200 एकड़ के फार्म में की जा रही प्राकृतिक खेती का उदाहरण देकर कहा कि इससे न केवल उत्पादन बढ़ा, बल्कि मार्केट के मुकाबले अधिक दाम भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर और पेस्टीसाइड का इस्तेमाल करने वाले किसानों के खेतों की आर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.3 से 0.4 से अधिक नहीं है, जबकि गुरुकुल में यह स्तर 0.8 से ऊपर है।
किसानों के सच्चे हितैषी हैं मुख्यमंत्री : दलाल
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री को किसानों का सच्चा हितैषी बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान के हक में नीतियां बनाकर किसानों का जीवन बदलने का लक्ष्य बनाया है। किसानों के लिए जीरो बजट की खेती मुख्यमंत्री का विजन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर समय किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के बारे सोचते रहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें बढ़ने के बावजूद केंद्र सरकार ने खाद के दाम नहीं बढ़ने दिए। इससे बड़ा किसान हितैषी निर्णय नहीं हो सकता।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किया स्वागत
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में महानिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरदीप सिंह, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, एसडीएम पंचकूला ऋचा राठी, बागवानी विभाग के महानिदेशक अर्जुन सैनी, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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