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Panchkula News: अधर में लटका टिपरा में बनने वाले 100 बेड के अस्पताल का काम

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संवाद न्यूज एजेंसी

कालका।
टिपरा में बनने वाले 100 बेड के अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर का काम फिलहाल अधर में लटक गया है। अब अस्पताल बनाने को लेकर डीजी हेल्थ ने लीज पर प्रस्तावित जगह उपलब्ध करवाने के लिए डायरेक्टर अर्बन लोकल बाॅडी को पत्र भेजा हुआ है। इसके जवाब के बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणाओं में से एक कालका में 100 बेड का नया अस्पताल बनाने का कार्य घोषणा के दो साल हो जाने के बावजूद शुरू नहीं हो पाया है


सौ एकड़ में बनेगा अस्पताल

बता दें कि कालका स्थित गांव टिपरा के पास मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों की मांग को देखते हुए 10 एकड़ जगह में नया 100 बेड का अस्पताल बनाने की कवायद पिछले साल ही शुरू कर दी थी। इस अस्पताल में ट्रामा सेंटर भी बनाया जाना है। जिससे हाईवे पर होने वाले हादसों में घायल होने वाले लोगों को भी तुरंत इलाज मिल पाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से जमीन देख ली गई थी। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से वर्ष 2022 में पंचकूला में आयोजित की गई जनसभा में कालका सब डिविजनल की जगह बड़ा अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद कालका प्रशासन ने जमीन उपलब्ध करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी थी।
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रेट को लेकर नहीं बनी सहमति

जिस जगह पर अस्पताल बनाने के लिए बात की जा रही है वह जमीन नगर परिषद कालका की है। नगर परिषद कालका की ओर से उक्त जमीन स्वास्थ्य विभाग को इस जमीन की कीमत लेकर दी जाएगी। लेकिन अभी तक नगर परिषद कार्य के द्वारा ये जमीन स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई है जिसके चलते अस्पताल का काम अभी लटका पड़ा है। परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जमीन तभी दी जा सकती है जब सरकार द्वारा निर्धारित कीमत अदा की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जमीन की कीमत आए बजट से ज्यादा होने के चलते जमीन लीज पर देने की बात नगर परिषद के अधिकारियों से की जा रही है।



दो इमरजेंसी की मिलेंगी सुविधा

टिपरा में बनने वाले एसडीएच में सौ बेड की सुविधा मिलेगी। जिसमें 50 बेड एसडीएच में लगेंगे और 50 ट्रामा सेंटर में। इसके साथ ही उक्त अस्पताल में दो इमरजेंसी की सुविधा मिलेगी। बता दें कि फिलहाल कालका में जो एसडीएच चल रहा है उसमें 50 बेड की सुविधा है और केवल एक ही इमरजेंसी है। ऐसे में आपातकाल के समय में अगर ज्यादा मरीज आ जाते हैं तो उन्हें अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। टिपरा में अस्पताल बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
कम होगा पंचकूला के नागरिक अस्पताल का लोड

बता दें कि फिलहाल कालका में 50 बैड का ही अस्पताल है। अस्पताल में लोगों को सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पातीं। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है और कई प्रकार के टेस्ट भी बाहर जाकर महंगी दरों पर करवाने पड़ते हैं। इसके अलावा ज्यादातर मरीजों को इलाज के लिए पंचकूला या चंडीगढ़ के अस्पतालों में रैफर कर दिया जाता है। नए 100 बेड के आधुनिक अस्पताल का निर्माण होने से जहां न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं पंचकूला के नागरिक अस्पताल पर भी मरीजों का लोड कम होगा।



जाम में फंसती है एंबुलेंस



अगर प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध करवाई जाती है और पिंजौर परवाणू बाईपास के नजदीक नया 100 बेड का अस्पताल बनाया जाता है तो कालका-पिंजौर के जाम में एंबुलेंस के फंसने की दिक्कत भी खत्म हो जाएगी। लोगों का कहना है कि अगर ये अस्पताल बनाया जाता है तो एंबुलेंस बाईपास से होते हुए सीधा पंचकूला या फिर चंडीगढ़ जहां भी मरीज को ले जाना हो वहां पर बिना जाम के पहुंच सकती है। जिससे एंबुलेंस में जा रहे मरीज की जान बचने के ज्यादा चांसेस रहेंगे।
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हम चाहते हैं कि टिपरा में बनने वाले 100 बैड के अस्पताल की सभी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी हों, जिससे अस्पताल शिफ्ट हो सके, इसका निर्माण होने से मरीजों को भी सुविधा होगी साथ की यहां पर डाॅक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी। वहीं, कई तरह की सर्जरी के विकल्प भी खुलेंगे। फिलहाल डीजी हेल्थ ने अर्बन डायरेक्टर अर्बन लोकल बाॅडी को पत्र लिखकर टिपरा में चयनित जगह को लीज पर देने की मांग की है। -डाॅ. राजीव नरवाल, एसएमओ एसडीएच कालका
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