संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। बाढ़ के दिनों में बाऊपुर मंड क्षेत्र में सबसे पहले बाढ़ के हालात बने थे। इसके चलते किसानों के खेतों में गार व मिट्टी भर गई थी, जिसके चलते किसानों का किसानी करना मुश्किल हो गया था।
इसके चलते 25 से अधिक ट्रैक्टरों ने बाढ़ प्रभावित किसानों के खेतों से रेत और गाद निकालने का काम शुरू कर दिया। इस कार्य की अगुवाई राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर की। उन्होंने कई घंटे ट्रैक्टर चलाकर किसानों के खेतों से गाद और रेत हटाने की औपचारिक शुरुआत की। बाऊपुर मंड इलाके में ज्यादातर किसान छोटे और मध्यम वर्ग के हैं। इनके पास ज्यादातर 2 से 5 एकड़ तक की जमीन है। कई किसानों ने जमीन ठेके पर लेकर फसल बोई थी, जो इस बाढ़ से पूरी तरह नष्ट हो गई।
बाऊपुर मंड इलाके में जहां बड़े स्तर पर फसलें तबाह हो गई थीं, वहीं खेतों में रेत और गाद की मोटी परत जम गई थी। इन खेतों को फिर से खेती योग्य बनाने के लिए बड़ी संख्या में युवक दूरदराज से आ रहे हैं। ये युवा विभिन्न इलाकों से आकर पीड़ित किसानों की मदद कर रहे हैं। इनमें 10 ट्रैक्टर तो पटियाला जिले की तहसील नाभा के पास स्थित गांव रामगढ़ से आए हुए हैं। इन युवकों को सोमवार को तीसरा दिन है। इसी तरह 4 ट्रैक्टर रहीमपुर जालंधर से और 4 ट्रैक्टर जसवीर सिंह नामक एक युवक लेकर आया है। बाकी ट्रैक्टर आसपास के गांवों के हैं। खेतों से गाद और रेत निकालने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। खेतों से निकाली जा रही रेत से बांध को मजबूत किया जा रहा है।