चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ वीडियो वायरल करने वाले जगमनदीप सिंह सामरा के संगरूर जिले के गांव फगुवाल की दो महिलाएं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई हैं। याचिका में आरोप है कि सामरा का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक आकाओं के इशारे पर पुलिस उन्हें और उनके परिवारों को लगातार परेशान कर रही है।
याचिकाकर्ताओं में से एक महिला ने कोर्ट को बताया कि उसका जगमनदीप सामरा से कोई संबंध नहीं है, बावजूद इसके उसके पति और कुछ अन्य पर पुलिस ने कार्रवाई की। महिला का आरोप है कि पुलिस ने उसके पति को अवैध रूप से पांच दिन तक हिरासत में रखकर थर्ड डिग्री टॉर्चर किया और बाद में उन्हें एक चार साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में नामजद कर फंसा दिया, जबकि पिछले चार साल में उस केस में उनके पति का नाम तक नहीं था।
महिलाओं ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई कि उन्हें और उनके परिवारों को पुलिस तथा उसके राजनीतिक आकाओं से जान का खतरा है, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने उस पुराने मामले की जांच सीबीआई से करवाने की भी मांग की है जिसमें अब जाकर उन्हें फंसाया गया है।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि वे महिलाओं की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करें और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। कोर्ट ने साफ किया कि किसी भी नागरिक को राजनीतिक मतभेदों या व्यक्तिगत बदले की भावना से परेशान नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच से इन्कार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।