माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में छह दिन पहले बेटी को जन्म देने वाली काजल पीजीआई में कोमा में है। हाथ और पैर में फ्रैक्चर आने और सिर में चोट लगने की वजह से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बयान दर्ज नहीं होने के कारण मामले का खुलासा नहीं हो पाया है। सिविल अस्पताल में रविवार को भी जांच कमेटी की जांच जारी रही। महिला के पति हरविंदर, भाई मोहनलाल को बुलाकर कमेटी ने बयान दर्ज किए। निक्कू वार्ड में तैनात डॉक्टरों और स्टाफ के बयान भी दर्ज किए गए।
वहीं काजल के आसपास भर्ती मरीजों के भी बयान दर्ज किए गए। इसमें अभी तक महिला के निक्कू वार्ड में जाने के बाद शाम 7 बजे के बाद बाहर आने की बात सामने नहीं आई है। अब इस मामले में कमेटी यह पता लगाने में लगी है कि नीचे कैसे पहुंची और उसकी यह हालत कैसे हुई। अब पुलिस डायरेक्टर ऑफिस में लगे कैमरे खंगालेगी। इमरजेंसी के पीछे की घटना का सुराग डायरेक्टर कार्यालय में लगे कैमरों की फुटेज से लग सकता है। इसे लेकर सोमवार को टीम सीसीटीवी कैमरे खंगालेगी।
बच्ची अभी निक्कू वार्ड में ही भर्ती
घायल महिला काजल के पति हरविंदर सिंह ने बताया कि निक्कू वार्ड में भर्ती बच्ची की तबीयत भी अभी तक ठीक नहीं हैं। पीलिया की बीमारी के कारण उसको वहां रखा गया है। उसकी देखरेख अस्पताल का स्टाफ और बच्ची की दादी कर रही है।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा गठित कमेटी सभी पहलुओं की जांच कर रही है। महिला कोमा में है। होश आने के बाद बयान लिए जाएंगे। इसके साथ ही परिजनों, डॉक्टर और सिक्योरिटी स्टाफ के बयान लिए गए हैं। इसमें जो लोग बचे हैं उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे। वार्ड में भर्ती बच्ची को दूध पिलाने के बाद महिला निक्कू वार्ड से वापस नहीं आई। इसके नीचे गिरने के मामले की सभी पहलुओं पर जांच जारी है। - डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, सिविल अस्पताल, सेक्टर-6