माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। चुनाव आयोग ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान कर दिया है। राज्य में 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी, वहीं 4 अक्टूबर को मतों की गिनती होगी। वहीं, निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तारीखों के एलान के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गया। इसके तहत कई पाबंदियां भी प्रभावी हो गई हैं। यह मतगणना के बाद तक लागू रहेंगी। जिसके चलते पंचकूला के 1140 करोड़ की चार विकास परियोजनाएं अधर में लटक जाएंगी। इनमें मेडिकल कॉलेज, अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज और स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सेक्टर-3 और 21 पर बनने वाला घग्गर पुल शामिल हैं। वहीं जो काम जारी हैं, वे भी धीमी गति से चलेंगे, क्योंकि सरकारी अमला चुनाव के कार्य में जुटा रहेगा। इसका सड़कों की रिकार्पेटिंग पर भी असर पड़ सकता है।
घोषणा के दस साल बाद आधारशिला रखी, आठ माह बाद भी लटका प्रोजेक्ट
सेक्टर-32 में 30.40 एकड़ भूमि पर 800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सत्ता संभालने के बाद 2014 में घोषणा की थी। घोषणा के दस साल बाद जनवरी 2024 में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई। उस समय पूरी परियोजना 30 माह के भीतर पूरी होने की घोषणा की गई थी। आठ माह बाद भी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए एक ईट भी नहीं रखी गई है। अब आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट की बात करें तो महज एक कंसल्टेंट हायर हो पाया है। 30.40 एकड़ में बनने वाला मेडिकल कॉलेज को तीन पॉकेट में तैयार किया जाना है। पहला पॉकेट 2.40 एकड़, दूसरा पॉकेट 14 एकड़, तीसरा पॉकेट भी 14 एकड़ में तैयार होना है।
अभी 315 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का था शिलान्यास किया
12 अगस्त को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला वासियों को करीब 315 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर सौगात दी थी। इनमें सेक्टर-32 में विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज स्पोर्ट्स कांप्लेक्स और स्टेट स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का शिलान्यास शामिल है। इनमें 13.75 एकड़ भूमि पर स्थापित होने वाली इस विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज का निर्माण करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है और यह आगामी दो वर्षों में बनकर तैयार करने की बात कही गई है। जबकि 10 एकड़ भूमि पर स्थापित होने वाले स्टेट स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का निर्माण करीब 165 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा और यह आगामी तीन वर्षों में बनकर तैयार करने का दावा किया गया है। इन प्रोजेक्टों पर अभी पेपर वर्क भी शुरू नहीं हो पाया है, तब तक आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इन दोनों प्रोजेक्टों का भविष्य विधान सभा चुनाव के बाद ही तय हो पाएगा।
टेंडर प्रक्रिया के चलते अधर में लटका पुल का काम
सेक्टर-21/3 की डिवाइडिंग रोड पर छठ घाट के पास घग्गर पुल के डबलिंग का काम शुरू होना था। इसपर विभाग करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह घग्गर पुल 335 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा होगा। इस प्रोजेक्ट का काम अगस्त 2024 में शुरू होना था और दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के चलते अधर में लटक गया। बता दें कि रामगढ़ से पंचकूला चंडीगढ़ की ओर आने वाले ट्रैफिक के लिए सेक्टर-27/28 से होते हुए सेक्टर 24 21/3 की सड़क का इस्तेमाल किया जाता है। रोजाना औसतन इन सड़कों से करीब 15 हजार से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में एक ही पुल पर ज्यादा भार पड़ने की वजह से उसकी लाइफ काफी कम हो सकती है। साथ ही दूसरा कारण यह भी है कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए घग्गर पार के इन सभी पुलों के आसपास की सड़कों को पहले डबल लेन किया गया और अब इन पुलों को डबल लेन करने की तैयारी थी। ताकि हैवी ट्रैफिक को इन दोनाें पुलों से आसानी से निकाला जा सके। इसकी फाइल आज ही पीएमडीएम के पास पहुंची।
चुनाव आयोग ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान कर दिया। आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिन प्रोजेक्टों की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, वे सभी विकास कार्य आदर्श आचार संहिता के दौरान शुरू नहीं होंगे। - यश गर्ग, उपायुक्त पंचकूला।