चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा आम आदमी पार्टी को कार्यालय के लिए चंडीगढ़ में जमीन आवंटित नहीं करने से नाराज आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने गहरी नाराजगी जताते हुए राज्यपाल को चेतावनी दी है कि अगर पार्टी को जमीन अलॉट नहीं की गई तो पार्टी राजभवन के बाहर ही अपना कार्यालय चलाना शुरू कर देगी। पंजाब आप के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्यपाल जोकि यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं, जानबूझकर पंजाब आप को जमीन अलॉट नहीं होने दे रहे। कंग ने यह भी कहा कि राज्यपाल मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कंग ने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी और राज्य की सत्ताधारी पार्टी होने के बावजूद राज्यपाल आप को चंडीगढ़ में दफ्तर के लिए जगह नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल भाजपा राज्यपाल के माध्यम से चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार खत्म करने की साजिश रच रही है, इसीलिए पंजाब की सत्ताधारी पार्टी को कार्यालय खोलने के लिए चंडीगढ़ में जमीन नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब आप के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीन बार राज्यपाल को चिट्ठी लिखी। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश सचिव और महासचिव ने भी चंडीगढ़ प्रशासन व राज्यपाल को चिट्ठी लिखी, लेकिन जानबूझकर इस मामले को टाला जा रहा है।
कंग ने सवाल उठाया कि भाजपा और कांग्रेस के पास चंडीगढ़ में दो-दो कार्यालय हैं, जबकि भाजपा के पंजाब में मात्र दो विधायक हैं। अकाली दल के पास भी अपना कार्यालय है। फिर आम आदमी पार्टी को ऑफिस के लिए जमीन क्यों नहीं दी जा रही? कंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ में ऑफिस के लिए जमीन अलॉट करवाने की सारी योग्यता रखती है। पंजाब और दिल्ली में पार्टी की सरकार है। गुजरात और गोवा में पार्टी के विधायक हैं। लोकसभा में एक और राज्यसभा में 10 सांसद है। खुद चंडीगढ़ नगर निगम में ही आम आदमी पार्टी के सबसे ज्यादा 14 पार्षद हैं। फिर चंडीगढ़ प्रशासन किस हैसियत से आम आदमी पार्टी को कार्यालय की जमीन देने से मना कर रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि राज्यपाल जल्द से जल्द फैसला लें अन्यथा आम आदमी पार्टी विरोध में राजभवन के बाहर अपना ऑफिस चलाएगी।