जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार सोंधी की अदालत ने शुक्रवार को पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई।
यह उम्रकैद टिल नेचुरल डेथ होगी, यानी दोषी को अपनी प्राकृतिक मौत तक जेल में ही रहना होगा।
इस फैसले में मृतका का मजिस्ट्रेट के सामने बयान और डॉक्टरों की रिपोर्ट अहम रही। दोषी पति ने अपनी पत्नी को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया था।
डॉक्टरों ने पहले रिपोर्ट दी कि महिला बयान देने के लिए फिट है।
इसके बाद मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए, जिसमें आरोप पति पर लगे। इसके बाद महिला की मौत हो गई और डॉक्टरों ने फिर से एक रिपोर्ट तैयार की कि बयान दर्ज कराते वक्त महिला बयान देने की हालत में थी।
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक 20 अक्तूबर-2012 को गांव खड़क मंगोली में रहने वाली मीनू ने अपने पति पवन कुमार से अपने किसी रिश्तेदार की शादी में जाने के लिए खर्चा मांगा, लेकिन पवन ने खर्चा देने से मना कर दिया।
इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। इसी बात को लेकर 23 अक्तूबर को पवन एवं मीनू के बीच दोपहर सवा तीन बजे
बहुत तेज लड़ाई हुई और पवन कुमार ने मीनू पर तेल छिड़ककर उसे आग लगा दी और दरवाजा बंद कर फरार हो गया।
लोगों ने जब मीनू की चीखें सुनीं, तो उसे घर से बाहर निकालकर सामान्य अस्पताल सेक्टर-6 में भर्ती करवाया। हालत गंभीर
होने पर उसे पीजीआई रैफर कर दिया गया था। वहां उसने पुलिस एवं मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने पति के खिलाफ ब्यान दिए थे।
घटना के पांच दिन बाद मीनू ने दम तोड़ दिया। इसके बाद सेक्टर-5 थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ धारा-302 के
तहत मामला दर्ज कर छह नवंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया था।