गुप्त सूचना में नाम था, फिर भी न वाहन में मिला न मौके से पकड़ा गया
1.39 किलो हेरोइन मामले में जांच अधिकारी के आचरण की रिपोर्ट तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बरनाला में 1.39 किलोग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने आरोपी को नियमित जमानत देते हुए बरनाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जांच अधिकारी के आचरण की जांच का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने गुप्त सूचना में नामजद व्यक्ति के मौके पर या वाहन में न मिलने पर विशेष रूप से सवाल उठाया।
जस्टिस संजय वशिष्ठ ने 25 वर्षीय आरोपी की याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने एसएसपी बरनाला को चार सप्ताह में जांच अधिकारी की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। अभियोजन के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को बरनाला पुलिस को हेरोइन बिक्री की सूचना मिली थी। एक सफेद एसयूवी में तीन लोगों के होने की बात कही गई थी। नाकाबंदी पर पुलिस ने वाहन से दो व्यक्तियों को पकड़ा। चालक की सीट के नीचे से 1.39 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
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तीसरे आरोपी की भूमिका
पुलिस ने बाद में तीसरे व्यक्ति को सह-आरोपी बताया। अभियोजन के अनुसार, वह बरामद मादक पदार्थ और गिरफ्तार आरोपियों की अदालत में पेशी के दौरान घबराया हुआ पहुंचा था। गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने उसकी पहचान की थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उसके पास से गिरफ्तारी के समय कोई मादक पदार्थ नहीं मिला। आगे की जांच में भी उसके कब्जे से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ।