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Panchkula News: किसान आंदोलन से ट्रेन और बसों के पहिए थमे, यात्री रहे परेशान

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पंचकूला। पंजाब में किसान आंदोलन चलते सोमवार को जिले में रेल और बस सुविधाएं बाधित रहीं। चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली तीन शताब्दी, वंदे भारत एक्सप्रेस, चंडीगढ़-अमृतसर, एकता एक्सप्रेस, चंडीगढ़-राम नगर, कालका दिल्ली एक्सप्रेस, समेत आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था। जिले के पंचकूला और कालका बस स्टैंड से पंजाब रूट पर चलने वाली पांच बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा। दिल्ली तक जाने वाली बसों को रूट डायवर्ट कर रामगढ़, शहजादपुर और शाहाबाद से दिल्ली तक चलाया गया।
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वहीं पंजाब क्षेत्र जीरकपुर, लालडू और मोहाली की बसें बंद रहीं। इसमें पंजाब जाने वाली बसें सुबह 6 बजे पंचकूला से अमृतसर, सुबह 7.40 बजे पंचकूला से अमृतसर की दो बसें बंद रहीं। इसके अलावा सुबह 6.30 बजे पंचकूला से तलवाड़ा, सुबह 7 बजे पंचकूला से बटाला, पंचकूला से हिमाचल प्रदेश के सातलाई की बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा। वहीं पंचकूला और कालका से चलने वाली 120 बसों में महज 75 बसों का संचालन लॉग रूट पर किया गया। वहीं 45 बसें पंचकूला और कालका बस स्टैंड में खड़ी रहीं।

पूछताछ कार्यालय के बाहर रेल यात्री भटकते रहे
पूरे दिन रेलवे स्टेशन के पूछताछ कार्यालय के बाहर रेल यात्रियों का ट्रेनों जानकारी लेने के लिए तांता लगा रहा। सबका यही सवाल था कि चंडीगढ़ से ट्रेनों का संचालन कब से होगा। जवाब मिला शाम छह बजे के बाद। वहीं कालका-शिमला मार्ग पर टॉय ट्रेन से शिमला की हसीन वादियों का मजा लेने चंडीगढ़ पहुंचे पर्यटकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ी। किसान आंदोलन के चलते सुबह चंडीगढ़ आने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों को अंबाला और कुरुक्षेत्र में ही रोक दिया गया। जिसके चलते पर्यटकों को अंबाला से चंडीगढ़ पहुंचने के लिए टैक्सी चालकों को ढाई से तीन हजार रुपये देने पड़े।
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नौ घंटे लंबे इंतजार के बाद मुंबई के लिए मिली ट्रेन
मुंबई निवासी विनायक ने बताया कि उन्हें पश्चिम एक्सप्रेस से दिन में करीब 12.20 पर चंडीगढ़ से मुंबई के लिए निकलना था। हड़ताल के चलते ट्रेन बीच में रोक दी गई थी। रेलवे स्टेशन पर करीब नौ घंटे इंतजार के बाद ट्रेन रात को आठ बजे खुली है। ठंड इतनी है कि पूरे दिन रेलवे स्टेशन पर इधर घूमते रहे हैं। बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।


पांच हजार रुपये का लगा चूना

आशीष ने बताया कि कानपुर से शिमला घूमने जाना है। ऊंचाहार एक्सप्रेस से कानपुर से निकले थे। किसान आंदोलन के चलते अंबाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन सुबह रोक दी गई। वहां से चंडीगढ़ आने के लिए कैब बुक करना पड़ा। करीब चार से पांच हजार रुपये एक्सट्रा खर्च करना पड़ा है। अभी कालका से शिमला टॉय ट्रेन से जाना है।



ट्रेन छूट गई

कानपुर निवासी ममता, अमन व डौली ने बताया कि वह चंडीगढ़ काम से आए थे। सोमवार को उन्हें लौटना था। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन आकर पता चला कि किसान आंदोलन के चलते ट्रेन शाम 6 बजे के बाद जाएगी। अब पूरे दिन रेलवे स्टेशन पर ठंड में काटना पड़ेगा। दिल्ली से आगे की ट्रेन की बुकिंग थी। अब वह ट्रेन नहीं मिल पाएगी। यहां जनरल क्लास में जाना पड़ेगा।



हरिद्वार के लिए तीन घंटे से रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा
हरिद्वार निवासी माया ने बताया कि चंडीगढ़ काम से आई थी। यहां से हरिद्वार जाना था। तीन घंटे से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बैठी हूं। किसान आंदोलन के चलते सभी ट्रेनें पूरे दिन बंद रहेंगी। शाम छह बजे के बाद ट्रेन मिलेगी। अब पांच से सात घंटे ठंड में रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।




बस स्टैंड पर यात्रियों को हुई दिक्कत
सेक्टर-5 बस स्टैंड में यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है। पंचकूला से दिल्ली, रोहतक, हिसार, जींद जाने वाली बसों को भी इसी रूटों से भेजा गया। इस कारण लोगों को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं अंबाला जाने वाले यात्रियों को बस कंडक्टर की ओर से शाहाबाद का टिकट लेने पर टिकट दिया गया। दिनभर यात्री बसों की पूछताछ के लिए पूछताछ काउंटर पर बैठे रहे। इसके अलावा यात्रियों को आने जाने में अधिक समय लगने के कारण परेशानी हुई।




अंबाला तक की नहीं मिली टिकट
मैं बस स्टैंड पर एक घंटे पहले आया हूं। अंबाला तक सीधे बस नहीं जा रही है। इस कारण बस के घूम के जाने के कारण परेशानी हो रही है। इसके बाद अंबाला स्टेशन से मुझे ट्रेन पकड़नी है। अगर कहीं पर जाम लगा तो ट्रेन भी छूट सकती है। इस कारण परेशानी हो रही है।

रघुबीर सिंह, यात्री


रोहतक से आने में दो घंटे अधिक समय लगा
मुझे रोहतक से पंचकूला आने में रूट डायवर्ट होने के कारण दो घंटे से अधिक समय लगा। इस कारण परेशानी हुई है।रोहतक से कुरुक्षेत्र तक बस आई। इसके बाद बस का रूट डायवर्ट होने के करण लगातार परेशानी बनी रही। मनीष कुमार, यात्री



पंजाब जाने वाली पांच बसें पूरी तरह से बंद रहीं। वहीं दिल्ली सहित अन्य रूटों पर चलने वाली 75 बसों का संचालन किया गया। इसमें रूट बदलने के कारण लोगों को एक घंटे का सफर अधिक करना पड़ा। लेकिन पंजाब के एरिया के बजाय अन्य रूटों पर बस सही तरीके से चलाई गई। - सुखदेव सिंह, जीएम, पंचकूला बस स्टैंड सेक्टर -5

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