चंडीगढ़। रक्तदान कैंप में एकत्रित खून का सही प्रयोग न होने से इसके बर्बाद होने, अवैध बिक्री आदि को लेकर लिए संज्ञान मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार को इसे रोकने केलिए उठाए गए कदमों की जानकारी व स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मामला ब्लड बैंक और ब्लड डोनेशन कैंप में मौजूद खून की यूनिट के बर्बाद होने और उनके गलत इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है। मामले में रक्त के भारी मात्रा में बर्बाद होने और बिना इस्तेमाल एक्सपायर होने की सूचना हाईकोर्ट को प्राप्त हुई थी। इन आंकड़ों पर गहरी चिंता जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेने का निर्णय लिया था और 2017 में जनहित याचिका केतौर पर सुनना शुरू किया था। पंजाब में लाखों यूनिट खून के बर्बाद होने की आरटीआई की सूचना सुर्खियों में रही थी और इसके बाद अब हाईकोर्ट द्वारा लिया इस मामले में संज्ञान ले लिया गया है।
ब्लड बैंक द्वारा खून को रखे जाने के तरीके और इसके समय पर उपयोग न होने पर भी चिंता जताई है। इस मामले में स्वत: संज्ञान याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस एसएस सरों की खंडपीठ के समक्ष पहुंची थी। इसे जनहित याचिका के रूप में सुनते हुए पीआईएल बेंच ने हरियाणा, पंजाब और यूटी को नोटिस जारी कर इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।