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ये कैसा परिवार पहचान पत्र : बढ़ापा पेंशन से चलता है घर, मानसिक बीमार की आय दिखाई 1.40 लाख रुपये

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। ये कैसा परिवार पहचान पत्र है, जो लोगों का जी का जंजाल बन गया है। गलत आय दर्ज होने के कारण हजारों परिवार को जहां सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, वहीं गलत इंट्री से लोगों के सामने अन्य समस्याएं भी खड़ी हो गई हैं। प्रशासन के दरवाजे पर शिकायतों के ढेर लगे हैं। रोजाना 150-200 लोग परिवार पहचान पत्र से जुड़ी त्रुटियां सही करवाने के लिए एडीसी कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। गांव और शहर में आमदनी की पुष्टि करने के लिए प्रशासन ने टीम को लगाया है, लेकिन डाटा में अंतर होने पर लोगों की परेशानियां ज्यादा बढ़ रही है। उपभोक्ताओं को टीम का पता ही नहीं चल पाता। बार-बार एडीसी कार्यालय के चक्कर काटने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। विधवा और दिव्यांग परिवार पहचान पत्र में त्रुटि के चलते सबसे ज्यादा परेशान हैं। इनमें कई ऐसे परिवार हैं, जिनके घर में पूरे माह का राशन बड़ी मुश्किल से जुट पाता है। परिवार पहचान पत्र में उनकी आय भी लाखों में अंकित की गई है। इस कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।


केस नंबर एक
घर में खाने के लिए रोटी नहीं, आय ढाई लाख
सरकारी कार्यालयों का चक्कर काटकर उर्मिला थक चुकी है। अपने घर की दास्तां बताते समय उसकी आंखें भर आईं। वह कहती है कि बुढ़ापा पेंशन से उसका घर चलता है। मेरी सालाना आय 33000 रुपये है, जबकि परिवार पहचान पत्र में 50 से 75 हजार रुपये अंकित की गई है। मेरे पति का करीब 15 साल पहले निधन हो गया था। मेरा एक बेटा मानसिक रूप से बीमार है। उसकी आय भी परिवार पहचान पत्र में एक लाख से 1.40 लाख रुपये कर दी गई है। इस कारण परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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केस नंबर दो
वार्ड नंबर-7 निवासी राम केवल ने बताया कि मैं दिव्यांग हूं। मुझे हर माह 2750 रुपये पेंशन मिलती है। परिवार पहचान पत्र में मेरी आय एक लाख से एक लाख चालीस हजार रुपये अंकित की गई है। बेटे के निधन के बाद उसका नाम राशन कार्ड से कटवा दिया था, लेकिन आय पुराना दिखा रहा है। पत्नी हाउस वाइफ है, उसकी आय 25 से 50 रुपये अंकित है। जिसके चलते सरकारी योजनाओं में मेरा परिवार वंचित है।



केस नंबर तीन
दिहाड़ीदार मजदूर की आय 10 लाख से ज्यादा
कन्यावती ने बताया कि उसके परिवार की सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं है। बावजूद इसके परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 10 लाख से ज्यादा दिखाया गया है। बीपीएल परिवार का लाभ उनके परिवार को नहीं मिल पा रहा है। जनवरी 2023 में बीपीएल कार्ड बना था, अभी दो तीन माह भी लाभ नहीं मिल पाया। उसका पूरा परिवार मजदूरी करता है।
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जिस एरिया में परिवार पहचान पत्र में त्रुटियां हैं। वहां कैंप लगाया जाएगा। कार्यालय में भी परिवार पहचान पत्र से त्रुटियों को सही किया जा रहा है। इसके अलावा कोई दिक्कत आ रही है, तो वे लोग कार्यालय आकर मुझसे मिलें। उनके समस्या का समाधान किया जाएगा। - वर्षा खंगवाल, एडीसी पंचकूला।
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