चंडीगढ़। रिटायर हो चुके लाखों कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के अनुसार 2016 से लागू नई पेंशन और डीए का एरियर देने के लिए वित्त सचिव की ओर से बताई गई 2030-31 की समय सीमा को स्वीकार करने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि भुगतान के लिए सिफारिश लागू होने के 15 साल बाद की समय सीमा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने इस समय सीमा पर वित्त सचिव को फटकार लगाते हुए दोबारा विचार करने का आदेश दिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पंजाब के रिटायर कर्मियों की पेंशन के एरियर का भुगतान न होने का मुद्दा पहुंचा था। हाईकोर्ट को बताया गया था कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से स्वीकार की गई थीं और इसे तभी से लागू किया गया था। इसको स्वीकार करने के साथ ही याचिकाकर्ताओं की पेंशन भी संशोधित की गई है, लेकिन उन्हें इसका लाभ 1 जुलाई, 2021 से जारी किया गया। 1 जनवरी, 2016 से 30 जून, 2021 तक के एरियर का लाभ उन्हें नहीं दिया गया।
छह माह में देने के आदेश का नहीं हुआ पालन
इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं को डीए का लाभ भी अभी तक जारी नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने गत वर्ष छह महीने के भीतर यह लाभ जारी करने का आदेश दिया था। आदेश का पालन न होने पर अब अवमानना याचिका दाखिल की गई है। वित्त सचिव ने कहा कि बकाया राशि 18,000 करोड़ रुपये है, इसे साल 2030-31 तक जारी किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने वित्त सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि तब तक तो सातवां वेतन आयोग भी लागू हो जाएगा, आप क्या तब तक भी छठे पे कमीशन का बकाया जारी नहीं करोगे। हाईकोर्ट ने अब पंजाब के वित्त सचिव को 29 अक्तूबर तक नए सिरे से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।