फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: चार लाख परिवारों का गुलाबी और खाकी राशन कार्ड का इंतजार खत्म, खाद्य आपूर्ति विभाग जल्द घरों में कराएगा उपलब्ध

Fri, 25 Mar 2022 01:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चार लाख परिवारों को उनके राशन कार्ड घर पर मुहैया कराए जाएंगे। सरकार उचित मूल्य की दुकानों का राजस्व बढ़ाने की योजना लाने जा रही है। दुकान संचालकों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में काम करने का विकल्प दिया जाएगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में चार लाख परिवारों का गुलाबी और खाकी राशन कार्ड का इंतजार खत्म होने जा रहा है। परिवार पहचान पत्र के जरिये सरकार ने इन्हें तलाशा है। ये बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे और ओपीएच-अदर प्रियोरिटी हाउस होल्ड श्रेणी में राशन कार्ड के पात्र हैं लेकिन इन्हें आज तक लाभान्वित नहीं किया गया।

विज्ञापन


सरकार के पास अब इनका पूरा रिकॉर्ड आ चुका है। खाद्य आपूर्ति विभाग इन परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सूची में शामिल करेगा। इससे पहले विभाग की टीमें लाभार्थियों से संपर्क करेंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि अब बीपीएल और ओपीएच श्रेणी में जीवनयापन करने वाले परिवारों को अपना अधिकार पाने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने परिवार पहचान पत्र के डाटाबेस के जरिये सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लागू करने का फैसला लिया है। डाटा के एकीकरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। पात्र परिवारों को आवश्यक वस्तुओं का वितरण प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान पर स्थापित ई-पीओएस उपकरणों से कर रहे हैं। इससे गड़बड़ियां बड़े पैमाने पर कम हुई हैं।

चार लाख परिवारों को उनके राशन कार्ड घर पर मुहैया कराए जाएंगे। सरकार उचित मूल्य की दुकानों का राजस्व बढ़ाने की योजना लाने जा रही है। दुकान संचालकों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में काम करने का विकल्प दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया है। दिसंबर-2021 में 23542 अन्य राज्यों के लाभार्थियों को हरियाणा में राशन दिया। इसमें प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी बनाई है। कुछ वर्ष तक फर्जी राशन कार्ड भी बने हुए थे, जिन्हें ई-गर्वनेंस के जरिये पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें