संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी से बडियाल मार्ग पर स्थित शेरला ताल से लेकर हराघाट तक की करीब 14 किलोमीटर लंबी सड़क की हालत बेहद खराब है। इस सड़क पर बने हजारों गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। धूल-मिट्टी के गुबार उठने से जहां छोटे वाहन चालकों को परेशानी होती है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सफर जानलेवा साबित हो रहा है।
वर्षों से ग्रामीण इस समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। इस सड़क के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग हिमाचल प्रदेश की ओर सफर करते हैं, जिसके चलते इसके सुधार की आवश्यकता और भी अधिक है।
शेरला ताल से ठंडोग गांव तक की करीब 5 किलोमीटर और ठंडोग से हराघाट तक की लगभग 9 किलोमीटर की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे राहगीरों को यात्रा में कठिनाई होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जानकारी देने के बावजूद लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने समाधान नहीं किया।
वाहन चलाना मुश्किल
सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। खासकर बारिश के मौसम में ये गड्ढे जलभराव का कारण बनते हैं और दुर्घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। हम इस सड़क की मरम्मत के लिए कई बार प्रशासन से अपील कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। -धीरज धीमान, स्थानीय निवासी
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बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई
यह सड़क हमारे गांव के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है, और लोगों को रोजमर्रा की जरूरी चीजें लाने में भी दिक्कत होती है। अगर समय रहते प्रशासन ने सड़क की मरम्मत नहीं की तो हमें आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।- अमित सिंह, निवासी गांव हथिया
कारोबार पर भी खराब असर
इस मार्ग पर बड़े वाहन चलने से धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे कारोबार पर भी खराब असर पड़ रहा है। समझ नहीं आता कि आखिर विभाग लगातार अनदेखी क्यों कर रहा है।-पलविंद्र सिंह, सरपंच प्रतिनिधि राजी टिकरी
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सड़क की हालत इतनी खराब है कि बच्चों को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में डर लगता है। बाइक से गिरने का खतरा हर समय रहता है। प्रशासन से विनती है कि जल्द से जल्द सड़क को ठीक करवाए। -खुशहाल सिंह, सारयों