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Panchkula News: विक्रम वाधवा ने काले धन से खड़ा किया 82 करोड़ रुपये का साम्राज्य

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पंचकूला। 590 करोड़ से अधिक के आईडीएफसी बैंक घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ट्राइसिटी में काले धन से खरीदी गई करोड़ों रुपये की संपत्तियों का बड़ा खुलासा किया है। ईडी की ओर से 200.83 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की के दौरान सबसे बड़ा नाम रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा का सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार वाधवा से जुड़ी करीब 82.01 करोड़ रुपये की संपत्तियां अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से खरीदी गईं। इन संपत्तियों में चंडीगढ़ के पॉश सेक्टरों की कोठियां, मोहाली का फार्महाउस, न्यू चंडीगढ़ की प्रीमियम प्रॉपर्टी और विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों में करोड़ों रुपये का निवेश शामिल है।
ईडी के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) स्थित ग्रेटर पंजाब ऑफिसर्स कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी में खरीदी गई एक संपत्ति के लिए बैंकिंग चैनल के अलावा पंजीकृत मूल्य से 75 लाख रुपये अधिक नकद भुगतान किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इसका उद्देश्य कथित तौर पर काले धन को वैध लेन-देन का रूप देना था।
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जांच में सामने आया कि वाधवा ने केवल आलीशान संपत्तियां ही नहीं खरीदीं बल्कि कई रियल एस्टेट कंपनियों में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया। मार्टेल बिल्डवेल एलएलपी में उसकी 35 प्रतिशत हिस्सेदारी है जहां ईडी के अनुसार 9.50 करोड़ रुपये अपराध से अर्जित धन से लगाए गए। यह कंपनी मोहाली में प्रिज्म मैग्नस-1 और प्रिज्म मैग्नस-2 परियोजनाएं विकसित कर रही है। इसी प्रकार प्रिज्म रेजिडेंसी एलएलपी में 1.52 करोड़ रुपये तथा किनस्पायर रियल्टी एलएलपी में करीब 12 करोड़ रुपये के निवेश को भी जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा है।
ईडी की जांच में एक और बड़ा खुलासा 60 करोड़ रुपये के एक औद्योगिक प्लॉट सौदे को लेकर हुआ है। एजेंसी के अनुसार 17 नवंबर 2025 को हुए इस समझौते में 12 करोड़ रुपये अग्रिम भुगतान अपराध से अर्जित धन से किया गया। यह सौदा फिलहाल कानूनी विवाद में है। इसके अलावा लाइफस्टाइल बिल्डकॉन से जुड़े एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के विभिन्न सावधि जमा (एफडी) खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 5(1) के तहत ईडी ने कुल 200.83 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। इनमें चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ के मकान, व्यावसायिक प्लॉट, फार्महाउस, एफडी और बैंक खाते शामिल हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी को अपराध से अर्जित आय माना है। कुर्की अवधि के दौरान इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री या हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा।
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जांच में विक्रम वाधवा के अलावा रिभव ऋषि और दिव्या अरोड़ा से जुड़ी संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन व निवेश के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

सबसे ज्यादा कुर्की विक्रम वाधवा की
कुल संपत्ति : 82.01 करोड़ रुपये
सेक्टर-33सी, चंडीगढ़ : 32.44 करोड़
सेक्टर-36डी, चंडीगढ़ : 20.53 करोड़
सेक्टर-21सी, चंडीगढ़ : 16.97 करोड़
अमारी हिल्स फार्महाउस, मोहाली : 7.06 करोड़
न्यू चंडीगढ़ की प्रीमियम संपत्ति भी कुर्क

ईडी जांच के बड़े खुलासे
कुल कुर्क संपत्ति : 200.83 करोड़ रुपये
590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़ी जांच
एक प्रॉपर्टी में 75 लाख रुपये नकद भुगतान का आरोप
60 करोड़ की डील में 12 करोड़ रुपये कथित अपराध की कमाई से निवेश
एफडी और बैंक खाते भी फ्रीज
रियल एस्टेट एलएलपी में करोड़ों रुपये का निवेश जांच के घेरे में
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