चंडीगढ़। 1200 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में विजिलेंस ब्यूरो ने एक बार फिर से अपनी जांच तेज कर दी। ब्यूरो ने पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल को दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया है। इस बार उन्हें अपनी आमदन से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। विजिलेंस अब 10 जुलाई को उनसे पूछताछ करेगी। पूछताछ के लिए विजिलेंस ने टीम गठित कर दी है। साथ ही उन्हें तय समय से पहुंचने के लिए कहा गया है ताकि जांच की प्रक्रिया अच्छे तरीके से पूरा किया जा सके। यह सिंचाई घोटाला करीब 10 साल पहले शिअद-भाजपा सरकार के समय में हुआ था। इस घोटाले का पर्दाफाश साल 2017 में उस समय में हुआ था, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार आई थी।
उस समय सिंचाई विभाग के प्रोजेक्टों में काम करने वाले ठेकेदार ने इस चीज का जिक्र किया था। उसका कहना था कि सिंचाई विभाग से जुड़े प्रोजेक्टों के ठेके लेने के लिए मोटी रिश्वत देनी पड़ती है। हालांकि यह मामला पहले ठंडे बस्ते में था लेकिन जब राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार आई तो इसकी जांच शुरू की। इस मामले में सर्वेश कौशल, काहन सिंह पन्नू, केबीएस सिद्धू और पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों और जनमेजा सिंह सेखों के खिलाफ जांच कर रही है। सबसे पहले पूछताछ हो चुकी है।