पंजाब की टीकाकरण मुहिम को झटका।
- फोटो : PTI
कोरोना के बढ़ते मामलों से जूझ रहे पंजाब की कोविड टीकाकरण मुहिम को रविवार को बड़ा झटका लगा। टीका निर्माता कंपनी मॉडर्ना ने सीधे पंजाब को टीके भेजने से मना कर दिया है। निर्माता कंपनी ने कहा है कि वह सिर्फ केंद्र सरकार से ही समझौता करेगी। राज्य या किसी निजी पक्ष के साथ टीके को लेकर कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
टीकाकरण के स्टेट नोडल अफसर विकास गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी संभावित स्रोतों से टीकों की खरीद की संभावनाओं का पता लगाने का निर्देश दिया था। इसके बाद स्पूतनिक 5, फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन के साथ संपर्क किया गया। अभी तक सिर्फ मॉडर्ना ने ही जवाब दिया है।
अब तक 44 लाख से कम मिलीं खुराकें
पंजाब को टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार ने अब तक टीकों की 44 लाख से कम खुराकें दी हैं। स्टेट नोडल अफसर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तीसरे चरण (18-44 उम्र वर्ग) के लिए की गई अलॉटमेंट के अनुसार राज्य सरकार लगभग 4.2 लाख खुराक ही खरीद पाई है। इसमें शनिवार को मिलीं 66,000 खुराकें भी शामिल हैं। कुल 3.65 लाख डोज दी जा चुकी हैं। अब सिर्फ 64000 ही डोज बची है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि अगर राज्य सरकार को जरूरत के हिसाब से वैक्सीन मिल जाती है तो तीन महीने में पूरे पंजाब में टीकाकरण अभियान पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आसानी से कोरोना पर फतेह हासिल कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। मोहाली पूरे पंजाब में सबसे अग्रणी जिला है, जहां पर टीकाकरण हो चुका है। कई गांवों में 45 साल से अधिक उम्र में सौ फीसदी तक टीकाकरण हो चुका है।