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विधानसभा ः मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल को लेकर हंगामा

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चंडीगढ़। विधानसभा के शीतकालन सत्र के अंतिम दिन मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर इनेलो नेता अभय चौटाला और कृषि मंत्री जेपी दलाल के बीच तीखी बहस हुई। चौटाला ने इस पोर्टल को किसानों को परेशान करने वाला बताते हुए बंद करने की बात कही। जबकि दलाल ने कहा कि इससे किसानों को सहूलियत हुई है। इसी प्रकार कांग्रेस के वरुण मुलाना समेत अन्य विधायकों ने भी इस पोर्टल की खामियों को उजागर किया।
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अभय चौटाला ने कहा कि पोर्टल पर पंजीकरण से लेकर फसल बेचने तक को किसान परेशानी हैं। आनन फानन शुरू किए गए इस पोर्टल को लेकर न तो कमेटी के कर्मचारियों को पूरी जानकारी है और न ही किसानों को। सीजन के समय हजारों किसान इसको लेकर परेशाने होते हैं। इसे बंद किया जाए।
वहीं, जवाब में कृषि जय प्रकाश दलाल ने कहा कि प्रदेश की सभी जोत भूमि को लेकर मैपिंग का कार्य करवाया जा रहा है। इसके माध्यम से सभी किसानों का रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किया जा रहा है। इस भूमि का पूरा रिकॉर्ड आ जाने के बाद किसानों की सुविधा क्षेत्र अनुसार मंडी, बिक्री केंद्र आदि और अन्य केंद्र बनाए जाएंगे।
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किसानों की आ रही शिकायतें
पोर्टल को लेकर खरीफ सीजन 2020 में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई। खरीफ सीजन 2021 में 1,56,018 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1,32,282 शिकायतें स्वीकृत और 20,752 खारिज की गईं। इसी प्रकार रबी सीजन 2021-22 में 87,729 शिकायतें प्राप्त हुईं जिसमें से 70,164 स्वीकृत और 13,991 खारिज की गईं। रबी सीजन 2021-22( 19.12.2021) तक 21,039 शिकायतें प्राप्त हुईं हैं। 3,560 स्वीकृत और 3,548 शिकायतें खारिज की गई हैं।
विधानसभा ने दी 7312.66 करोड़ की स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा ने बुधवार को दूसरी अनुपूरक अनुमान 7312.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि 21 अलग-अलग मांगों में स्वीकृत की गई है। विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अनुपूरक मांगों के लिए हरियाणा विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2021 प्रस्तुत किया। इसे सदन ने ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया। इसमें शहरी स्थानीय निकायों और शहरी विकास का सुदृढ़ीकरण करने के लिए 2740.36 करोड़ रुपये और शहरी विकास के तहत 1500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसी प्रकार कोविड-19 महामारी के दृश्टिगत स्वास्थ्य ढांचे का उन्नयन के लिए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के सुधार और सुदृढ़ीकरण के लिए 537.16 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
सहकारी क्षेत्र में सहकारी बैंक के सुदृढ़ीकरण के लिए 703.45 करोड़ रुपये और चीनी मिलों के लिए 340.16 करोड़, भावांतर भरपाई योजना और गन्ना किसानों को सब्सिडी के भुगतान के लिए 479.00 करोड़ है।
खेलो इंडिया गेम्स-2021 के आयोजन के लिए 67.50 करोड़ रुपये, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के कल्याण तथा ‘मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अन्तर्जातीय विवाह शगुन योजना’ के तहत लाभार्थियों को भुगतान करने हेतु, 26.00 करोड़, लाभार्थी योजनाओं के लिए 151.58 करोड़ रुपये, डिपो धारकों के कमीशन, परिवहन शुल्क के भुगतान और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरसों तेल के बदले प्रति लाभार्थी परिवार डीबीटी के तहत 250 रुपये प्रतिमाह के भुगतान के लिए 392.00 करोड़ रुपये की स्वीकृत की गई है।
अब 21 साल की उम्र में शराब बिक्री का लाइसेंस
सरकार ने पहले से तय 25 साल की आयु घटाई
आबकारी संशोधन विधेयक से साफ हुआ रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब 21 वर्ष की आयु पार कर चुके युवा शराब बिक्री का लाइसेंस ले सकेंगे। सरकार ने लाइसेंस प्रदान करने की आयु सीमा 25 से घटाकर 21 साल कर दी है। अब शराब सेवन के लिए भी यही आयु मानी जाएगी। दिल्ली सरकार की तर्ज पर यह फैसला लिया है। हरियाणा आबकारी (संशोधन) विधेयक, 2021 सदन में बुधवार को पारित होने से इसका रास्ता साफ हुआ।
कांग्रेस की ओर से इस संशोधन पर विधायक किरण चौधरी और गीता भुक्कल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शराब बिक्री और सेवन की अधिकृत आयु 21 साल करने से युवा इस ओर आकर्षित होंगे। यह संशोधन अनुचित है। इसे सरकार वापस ले। सरकार ने आपत्ति के बावजूद विधेयक पारित करा लिया।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा आबकारी अधिनियम,1914 की धारा 27 में प्रावधान था कि देसी शराब या नशीली दवाओं के निर्माण, थोक या खुदरा बिक्री के लिए लाइसेंस 25 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता है। धारा 29 पच्चीस वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब बेचने या वितरित करने के लिए प्रतिबंधित करती है। धारा 62 में प्रावधान है कि यदि कोई लाइसेंस धारक या उसका कर्मचारी 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को कोई शराब या नशीली दवा बेचता है, तो वह किसी भी अन्य दंड के अतिरिक्त 50,000 रुपये तक के जुर्माने का पात्र होगा।
वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति तैयार करते समय यह चर्चा की गई थी कि तय आयु सीमा को 25 वर्ष से घटाकर इक्कीस वर्ष किया जा सकता है। अब सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में पूर्व की तुलना काफी बदलाव आया है। युवा अब अधिक शिक्षित हैं, और शराब पीने की बात आने पर तर्कसंगत निर्णय भी ले सकते हैं।
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