चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि सरकार ने यह फैसला किसके दबाव में लिया है। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री बताएं, क्या कोरोना की तीसरी लहर का खतरा सिर पर नहीं है, दूसरी लहर खत्म हो चुकी है और क्या एक भी बच्चे को वैक्सीन लगी है? उन्होंने कहा कि इतना सब होने पर भी स्कूल खोलने का फैसला क्या तर्कसंगत, न्यायसंगत है? क्या बच्चों के जीवन की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में नहीं? सरकार के फैसले से साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। कोई दबाव तंत्र, कोई लॉबी उस पर हावी है जो फैसलों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने मांग की है कि जब तक सभी बच्चों को वैक्सीन नहीं लग जाती, तब तक स्कूल न खोले जाएं। सैलजा ने कहा कि लग तो यह भी रहा है कि सरकार की मंशा निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने की है। स्कूल खोलने से यदि एक भी बच्चे के जीवन पर खतरा आया तो मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। कॉलेज व यूनिवर्सिटी अभी तक बंद हैं, लेकिन स्कूलों को खोलने का फरमान जारी कर दिया गया। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और आईसीएमआर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लगातार सचेत कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल खोलने का निर्णय सरकार वापस ले।