पंचकूला। जिले में दो दिन सोमवार को मंगलवार को दिवाली का पर्व मनाया गया। जिला प्रशासन ने रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत दी थी लेकिन लोगों ने नियमों की अनदेखी कर रातभर पटाखे जलाए। इस कारण शहर की आबोहवा बहुत खराब हो गई है। मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 268 पहुंच गया। इसे बेहद खराब श्रेणी माना जाता है। सोमवार को एक्यूआई का स्तर 177 था जो 91 पॉइंट बढ़ गया। 2024 दिवाली में एक्यूआई 195 दर्ज किया गया था।
बुधवार को पटाखे से जलने के 18 नए मामले सामने आए। एक दस साल का बच्चा बर्न वार्ड में भर्ती हैं। पटाखे जलाने के दौरान इंदिरा कॉलोनी में दस वर्षीय बच्चे का मुंह जल गया। उसका इलाज अस्पताल में किया गया है। वहीं, एक बच्चा जीरकपुर से इलाज के लिए आया था। उसे सिविल अस्पताल से पीजीआई रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरोंं ने बताया कि आठ लोगों की आंखें झुलस गईं। वहीं, 12 लोगों के हाथ, पैर सहित अन्य जगह जल गएथे। इलाज के बाद अस्पताल से उन्हें छुट्टी दे दी गई है। सिविल अस्पताल में जिले में दो दिन मेंं सौ मामले जलने के सामने आए हैं।
सिविल अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज मंदीप सिंह ने बताया कि दो दिन मेंं सिविल अस्पताल मेंं चार मरीज भर्ती किए गए हैं। बाकी सभी 96 मरीजों को इलाज के बाद सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
जिले में पांच जगह लगी आग
मंगलवार को दिवाली मनाने के दौरान पांच जगह पर आग लग गई। इसमें सेक्टर-20 गांव कुंडी में भैसों के बाड़े में आग लगने से एक भैंस जलकर मर गई और तीन झुलस गईं। इसके अलावा कालका के रत्तपुर कॉलोनी में दो जगह आग लगी। गाड़ी में पटाखा जलने के कारण राख हो गई। कालका के अब्दुल्लापुर में जिम मेंं आग लगने से म्यूजिक सिस्टम जल गया।