पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित दो दिवसीय स्वापन आजीविका मार्ट मेले में प्रदेश के सभी जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों के कुल 81 स्टाल लगाए गए। इनमें जिले के सफल स्वयं सहायता समूहों की ओर से अपने-अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इस मेले में जिला नूंह से आई असमीना ने हरियाणा की पुरातन कला को जिंदा रखते हुए अपने हाथ से बनी चंगेरी, दरी, गूदड़ी, जूट के बैग, पायदान और पंखे प्रदर्शित किए। वहीं नूंह से आई सावित्री ने भी मिट्टी के बने फूलदान और बर्तन प्रदर्शित किए, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया।
राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति सम्मान से पुरस्कृत पूजा शर्मा की ओर से बेकरी आइटम लोगों के लिए प्रदर्शित किए गए, जिसमें लड्डू, बिस्कुट इत्यादि शामिल हैं। पूजा ने बताया कि वह स्वयं सहायता समूह की मुखिया के तौर पर काम करने के साथ-साथ केंद्र सरकार के किसानों की आय दोगुना करने के ध्येय पर भी कार्य करते हुए बाजरा, ज्वार व अन्य ऐसी वस्तुओं से लड्डू इत्यादि बनाती हैं ताकि इससे किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिल सके। रोहतक के लाखनमाजरा से आई मानता ने अपने स्टाल पर हैंड ब्लॉक साड़ी, सूट, दुपट्टे, चद्दर पर गूदड़ी की लोगों के खरीदने के लिए प्रदर्शित की। झज्जर से आई सुजाता ने हाथ से पेंट किए हुए दुपट्टे साड़ियां, पेंटिंग, लकड़ी का सामान इत्यादि को अपने स्टाल पर प्रदर्शित किया। सुजाता के स्टाल पर मां दुर्गा की पेंटेड प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इसी प्रकार फरीदाबाद के एक गांव से आए स्वयं सहायता समूह ने मास्क जूट के बैग व फॉर्म के बैग को प्रदर्शित किया। बराड़ा से आए सेल्फ हेल्प ग्रुप के सरिता ने हैंड क्राफ्ट व क्रोशिया के उत्पादों को प्रदर्शित किया। इसी तरह पलवल से आई सुमन के मिट्टी के बर्तन व फूलदान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इसके अलावा मेले में गुरुग्राम की सरोज की ओर से बनाई गई घीया की मिठाई, घेवर, काजू कतली, मिल्क केक इत्यादि प्रदर्शित किए गए, जबकि पंचकूला के मोरनी खंड से आए मोरनी हिल्स फार्मर प्रोडक्ट कंपनी की ओर से मेले में उगाई गई जड़ी-बूटियां फल और सब्जियां प्रदर्शित की गईं।