पंचकूला। अदालत ने जीरकपुर निवासी आरोपी आशीष मलिक और पंचकूला के सेक्टर-25 के अमित कुमार को बरी कर दिया। सेक्टर-20 थाना में दर्ज झपटमारी के मामले में अदालत ने पुलिस जांच में गंभीर खामियां बताते हुए कहा कि आरोप साबित नहीं किए जा सके।
यह मामला 2 अप्रैल 2023 का है। शिकायतकर्ता तरुण कुमार सेठ ने बताया कि वह पत्नी के साथ सैर से लौट रहे थे। तभी पीछे से बाइक पर आए दो युवकों में से एक ने उनकी पत्नी की गले से सोने की चेन झपट ली। अंधेरा होने के कारण वे आरोपियों को पहचान नहीं पाए। पुलिस ने धारा 379-ए और 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर 19 मई 2023 को अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। बाद में केस क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 को सौंपा गया।
अदालत ने जांच में गिनाईं खामियां
क्राइम ब्रांच ने जांच में दावा किया कि आरोपियों ने कबूलनामा दिया और उनके पास से 21 हजार रुपये व मोटरसाइकिल बरामद की, मगर अदालत में पुलिस का दावा टिक नहीं पाया। शिकायतकर्ता ने गवाही में कहा कि वे अंधेरे में किसी को पहचान नहीं सके थे। उनकी पत्नी ने अदालत में पहचान का दावा किया, लेकिन पुलिस को दिए बयान में लिखा था कि वह पहचान नहीं पाईं। न तो किसी प्रकार की टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) कराई गई और न ही आरोपियों का हुलिया दर्ज था।
बरामद मोटरसाइकिल पर भी अदालत ने सवाल उठाया। गवाहों ने बताया कि यह बाइक 1 अगस्त 2023 को खरीदी गई थी, जबकि घटना 2 अप्रैल 2023 की है। अदालत ने कहा कि यह जांच अधिकारी की लापरवाही दिखाती है। सिर्फ कबूलनामे के आधार पर बरामदगी को सबूत नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने 2 सितंबर 2024 को दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।