बीएपीएस संस्था की ओर से 10 करोड़ की लागत से सेक्टर-10 में बनाया जा रहा पांच मंजिला मंदिर
आधुनिक सुविधाओं के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला में ट्राइसिटी के श्रद्धालुओं के लिए पहला स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर दिवाली 2026 तक खोलने की योजना है। बीएपीएस (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) की ओर से सेक्टर-10 में निर्माणाधीन मंदिर न केवल धार्मिक पूजा का केंद्र होगा बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी आदर्श स्थल तैयार करेगा।
निर्माण कार्य और प्रगति
मंदिर का निर्माण 24 अप्रैल 2024 को महंत स्वामी जी महाराज ने प्रारंभ किया था। इसे स्वामी जयतीर्थ और स्वामी आर्य पुरुष द्वारा संचालित किया जा रहा है। मंदिर की देखरेख में इंजीनियर मुकुल सोनी, आर्किटेक्ट राजकुमार अग्रवाल और इंजीनियर सतीश चावला सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। निर्माण पर अनुमानित 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मंदिर 1500 वर्ग गज में पांच मंजिला बन रहा है। बेसमेंट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है जिसमें स्टोर, इलेक्ट्रिकल कंट्रोल रूम, पंप रूम, मशीन रूम और जेनरेटर सेट की व्यवस्था की गई है।
मंदिर की संरचना और सुविधाएं
ग्राउंड फ्लोर (5000 वर्ग फुट) में रिसेप्शन, ऑफिस, इलेक्ट्रिकल रूम, किचन, मल्टी-पर्पज हॉल, स्टोर, वॉशरूम और स्टेयर हॉल।
फर्स्ट फ्लोर (5000 वर्ग फुट) में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए विशाल गैलरी, स्टेज, मुख्य हॉल और सभा क्षेत्र।
सेकंड फ्लोर (3000 वर्ग फुट)में गेस्ट टेरेस, स्टाफ रूम, किचन, स्टोर और बेडरूम।
थर्ड फ्लोर (3000 वर्ग फुट) में बड़ा हॉल, डॉर्मिटरी, मीटिंग रूम और प्रशासनिक सुविधाएं होंगी।
बुजुर्गों का विशेष ध्यान
स्वामी जयतीर्थ ने बताया कि मंदिर की सीढ़ियां बुजुर्गों और बच्चों के लिए आरामदायक बनाई जा रही हैं। सीढ़ियों के स्टेप्स का आदर्श अनुपात 6 इंच, 14 इंच और 2 फीट रखा गया है ताकि लोग आसानी से चढ़ और उतर सकें।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र
यह मंदिर ट्राइसिटी में अत्याधुनिक धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है जहां पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेवा गतिविधियां एक साथ होंगी। स्वामी जयतीर्थ ने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जाएगा और प्रत्येक हिस्सा उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार होगा।