माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के सहयोग से पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह सेक्टर-1 में हरियाणा विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में करीब 200 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि विधानसभा में पांच वर्षों में अपनी कार्यप्रणाली में अनेक नई प्रथाओं और सुधारों को अपनाया है। इन नई प्रथाओं का उद्देश्य कार्य को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिकों के प्रति उत्तरदायी बनाना है।
उन्होंने बताया कि नई तकनीक और विधायी सुधारों का समावेश विधानसभा को आधुनिक और प्रगतिशील बनाता है। डिजिटलाइजेशन और ई- विधान प्रणाली के माध्यम से विधानसभा की कार्यवाही, विधायक और अन्य दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाते हैं। इस प्रणाली के तहत सदस्य टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं। जिससे कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता कम होती है और कार्य में तेजी आती है। कार्यशाला में पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च के विशेषज्ञ महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व प्रधान सचिव डाॅ. अनंत कलसे ने समितियों के कामकाज के बारे में विस्तार से अधिकारियों और कर्मचारियों को और बेहतर कुशलता से कार्य करने की विस्तार से जानकारी दी। वहीं पीआरएस चक्ष राय ने विधेयक और विधायी प्रारूपण और राज्य विधानमंडलों की सवोत्तम प्रथाओं के बारे में सभी को विस्तार से समझाया। पीआरएस मानस गुब्बी ने बजट और राज्य वित के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्य समय समय पर होते रहने चाहिए।