जाम से राहत का स्मार्ट फार्मूला, अब सेक्टर-12/12ए में स्मार्ट सिग्नल सिस्टम लगाने की तैयारी
शहर को मिलेगा दूसरा हाई-टेक सेंसर आधारित ट्रैफिक सिग्नल, 15 लाख से बदलेगी यातायात व्यवस्था
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमडीए) ने स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था का विस्तार शुरू कर दिया है। सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड पर हाईटेक सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइटें शुरू हो गई है। इस व्यवस्था के बेहतर परिणाम आने के बाद अब सेक्टर-12 और 12ए की डिवाइडिंग रोड पर शहर का दूसरा स्मार्ट सिग्नल सिस्टम लगाने की तैयारी है। पीएमडीए ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिस पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसलिए जरूरत पड़ी स्मार्ट सिग्नल की
सेक्टर-12, 12ए और सेक्टर-20, 21 के बीच दो व्हीकल अंडरपास बनने के बाद इस पूरे कॉरिडोर पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ गया है। खासतौर पर सेक्टर-12 और 12ए की ओर आने-जाने वाले मार्ग पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय स्तर पर जीएच-79 सोसाइटी, संस्कृति स्कूल टी-पॉइंट और सेक्टर-20 मार्केट के सामने टी-पॉइंट पर सबसे ज्यादा अव्यवस्था देखने को मिलती थी। लोगों की लगातार शिकायतों के बाद पीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. मकरंद पांडुरंग ने अगस्त 2025 में यहां स्मार्ट ट्रैफिक लाइटें लगाने की मंजूरी दी थी। अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट ट्रैफिक लाइट लगने के बाद यहां ट्रैफिक नियंत्रित होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
सेक्टर-20/21 में शुरू होते ही दिखा असर
पीएमडीए ने सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड पर हाई-टेक सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइटों का संचालन हाल ही में शुरू किया है। इसके बाद रोजाना लगने वाले भारी जाम से हजारों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। इसी सफल प्रयोग के बाद अब सेक्टर-12 और 12ए में भी स्मार्ट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।
नया पुल खुलते ही बिगड़ा ट्रैफिक संतुलन
घग्गर पार स्थित सेक्टर-24 और 26 को जोड़ने वाला नया पुल खुलने के बाद सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड पर अचानक ट्रैफिक बढ़ गया था। सेक्टर-24, 25, 26, 27, 28 और रामगढ़ सहित आसपास के इलाकों से आने वाले अधिकतर वाहन इसी मार्ग से पंचकूला में प्रवेश करते हैं, जिससे सेक्टर-20 और आसपास के क्षेत्रों में रोज जाम लगने लगा था।
सेंसर आधारित लाइटें कैसे बदलेंगी तस्वीर
अब तक कई मौकों पर ट्रैफिक पुलिस को मैन्युअली लाइटें बंद कर यातायात नियंत्रित करना पड़ता था, जिससे जाम और बढ़ जाता था। नई सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइटें ट्रैफिक दबाव और तय टाइमर के अनुसार स्वतः संचालित होंगी। अधिकारियों के मुताबिक इससे अनावश्यक रोक-टोक कम होगी और वाहन व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ेंगे। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि स्मार्ट सिस्टम के साथ लोगों का ट्रैफिक नियमों का पालन और थोड़ा धैर्य भी जरूरी होगा, तभी इस व्यवस्था का पूरा लाभ मिल सकेगा।