पंचकूला। अवैध खनन और चोरी के मामले में जिला अदालत ने टिपर मालिक श्याम सुंदर को बरी कर दिया। अदालत ने माना कि पुलिस और खनन विभाग आरोपों को ठोस साक्ष्यों से साबित नहीं कर पाए। मामला 14 जनवरी 2025 की रात का है।
खनन गार्ड मयंक चौधरी ने सूरजपुर बाईपास के पास सुखोमाजरी की ओर से आ रहे बजरी से भरे टिपर को रोका था। चालक के पास बिल या ई-रवाना नहीं था। वाहन जब्त कर अमरावती पुलिस चौकी में खड़ा कराया गया।
सुनवाई में सामने आया कि टिपर का धर्मकांटे पर वजन नहीं कराया गया, जिससे बजरी की मात्रा स्पष्ट नहीं हो सकी।
अदालत ने पाया कि इस कार्रवाई में स्वतंत्र गवाह भी नहीं बनाया गया। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर श्याम सुंदर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।