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Panchkula News: बैंक से 12.17 करोड़ की धोखाधड़ी में तीन दोषियों को डेढ़ से ढाई साल की सजा

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पंचकूला। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सोमवार को पानीपत जिले के तीन निवासियों को भारतीय ओवरसीज बैंक के साथ की गई धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में डेढ़ साल से ढाई साल तक की सजा सुनाई। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) चंडीगढ़ की ओर से 12 दिसंबर 2020 को दर्ज किया गया था। तीनों आरोपियों को अदालत ने 30 अक्टूबर को दोषी करार दिया था।

वहीं, दोषी सतीश कुमार को दो साल छह महीने की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, चरन सिंह को दो साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माना जबकि श्रीकृष्ण को डेढ़ साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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यह मामला भारतीय ओवरसीज बैंक के तत्कालीन मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक वेद प्रकाश मिश्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ था। एफआईआर एमएस प्रगति फीड्स, उसके साझेदार सतीश कुमार और चरन सिंह, साथ ही कृष्ण और अन्य अज्ञात व्यक्तियों व सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। जानकारी के अनुसार एमएस प्रगति फीड्स नामक साझेदारी फर्म 2013 से बैंक से विभिन्न ऋण सुविधाएं ले रही थ, जिनमें शेड निर्माण, प्लांट व मशीनरी की खरीद और पोल्ट्री फीड निर्माण के लिए टर्म लोन शामिल थे।
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आरोप है कि फरवरी 2017 में फर्म ने बैंक से ऋण नवीनीकरण और वृद्धि का प्रस्ताव दाखिल किया जिसमें झूठे और फर्जी दस्तावेज लगाए गए। जांच में पता चला कि दिसंबर 2016 में फर्म ने अपनी यूनिट किसी अन्य कंपनी को लीज पर दे दी थी लेकिन बैंक को इसकी सूचना नहीं दी। आरोपियों ने ऋण राशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया और फर्जी बैलेंस शीट जमा कराई। सीबीआई की जांच में सामने आया कि उन्होंने ऋण राशि को रिश्तेदारों और संबंधित फर्मों के खातों में ट्रांसफर किया, जिससे बैंक को करीब 12.17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

शामली में निकली खाटूश्याम की शोभा यात्रा । संवाद

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