संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग पर पैनोरमिक कोचों के ट्रायल जारी है। इस कड़ी में सोमवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला से तीन पैनोरमिक कोच कालका रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्हें दो विशाल क्रेनों की सहायता से एक-एक कर ट्रालों से उतारा गया। इसमें एक कोच एसी चेयरकार, दूसरा जीएस तथा तीसरा फर्स्ट क्लास चेयर कार है।
कालका-शिमला मार्ग पर किए जा रहे हैं ट्रायल
रेलवे जल्द ही कालका-शिमला रेलमार्ग पर पैनोरमिक कोचों वाली ट्रेन चलाना चाहता है जिसको लेकर लगातार कवायद जारी है। पिछले वर्ष से पैनोरमिक कोच के ट्रायल किए जा रहे हैं। इस कड़ी में सबसे पहले दो खाली कोच का ट्रायल किया गया था जिसमें सीटें नहीं थी। उस समय मात्र ढांचे को कालका-शिमला रेल सेक्शन पर चलाया गया था जिनका ट्रायल सफल रहा था। इसके बाद भार के साथ पैनोरमिक कोचों का ट्रायल किया गया। उसकी सफलता के बाद सारी सुविधाओं से युक्त कंप्लीट कोचोंं का ट्रायल किया गया जोकि सफल रहा। इस दौरान पैनोरमिक कोचों के स्पीड व आपात ब्रेकिंग सिस्टम के संबंध में ट्रायल किए जा चुके हैं।
स्विट्जरलैंड की बर्निना एक्सप्रेस की तरह है लुक
पैनोरमिक कोचों वाली ट्रेन में देश-विदेश के सैलानियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी जोकि पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करेगी। इससे प्रदेश में पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कालका-शिमला रेलमार्ग पर जब पैनोरमिक कोचों वाली ट्रेन गुजरेगी तो स्विट्जरलैंड की बर्निना एक्सप्रेस की अनुभूति होगी। दरअसल इन कोचों का लुक स्विट्जरलैंड की बर्निना एक्सप्रेस की तरह हैं, जोकि एक पहाड़ी रेल ट्रैक पर चलती है।
फायर सिस्टम और सीसीटीवी बढ़ाएंगे सुरक्षा
पैनोरमिक कोच में सुरक्षा के लिए फायर सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे भी लगे होंगे। इसी के साथ दरवाजे और बोगी के भीतर एलईडी लगाई गई, जिसकी मदद से यात्री अपनी बुकिंग आदि के बारे में जान सकेंगे। साथ ही भोजन व्यवस्था के लिए छोटी पैंटरी भी लगाई गई है।
साउंड प्रूफ है कोच
पैनोरमिक कोच के एसी कोच साउंड प्रूफ हैं। पैनोरमिक विंडो में शीशे बड़े होने के साथ ही छत तक होते हैं, जिससे यात्री बाहर के नजारों का बेहतर तरीके से लुत्फ उठा सकेंगे। लगेज के लिए एक अलग लगेज कोच तैयार किया गया है। सभी बोगियों में एयर स्प्रिंग लगाया गया है।