एनएच-7 हादसे में मारे गए कर्मियों के परिजनों को बड़ी राहत, बीमा कंपनी देगी 6% ब्याज सहित रकम
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर सड़क की सफाई के दौरान तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर तीन मजदूरों की मौत के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) पंचकूला ने पीड़ित परिवारों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने तीनों क्लेम याचिकाओं का निपटारा करते हुए कुल 36 लाख 16 हजार 946 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मुआवजे की राशि बीमा कंपनी को अदा करनी होगी, जिस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
यह हादसा 12 जून 2023 को दोपहर करीब चार बजे हुआ था। बल्लू राम, नाथू लाल और फयूम उर्फ फहीम एनएच-7 पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी और आईटीबीपी भानू के सामने सड़क की सफाई कर रहे थे। तीनों मजदूर ट्रैक्टर-ट्राली में कचरा डाल रहे थे, जबकि ट्रैक्टर डिवाइडर के पास खड़ा था। इसी दौरान पंचकूला की ओर से आ रही महिंद्रा बोलेरो पिकअप के चालक अजय कुमार ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए मजदूरों को टक्कर मार दी।
हादसे में नाथू लाल और फयूम उर्फ फहीम ट्रैक्टर और पिकअप के बीच फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बल्लू राम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला और फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां 13 जून 2023 को उसने भी दम तोड़ दिया।
तीनों मामलों में अलग-अलग मुआवजा तय
इस मामले में थाना चंडीमंदिर, जिला पंचकूला में केस दर्ज किया गया था। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का चालक अजय कुमार अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते उसे एकतरफा करार दिया गया। मृतकों के परिजनों ने अलग-अलग क्लेम याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें बाद में ट्रिब्यूनल ने एक साथ जोड़कर सुना।
ट्रिब्यूनल ने बल्लू राम की मौत के मामले में उनकी पत्नी शकुंतला को 5 लाख 26 हजार 379 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए।
नाथू लाल की मौत के मामले में उनकी पत्नी सुनीता रानी और उनके बेटों को कुल 11 लाख 66 हजार 475 रुपये मुआवजा मंजूर किया गया, जिसमें 55 प्रतिशत राशि पत्नी और शेष बेटों को देने के निर्देश दिए गए।
फयूम उर्फ फहीम की मौत के मामले में उनके माता-पिता और भाई-बहनों को 19 लाख 24 हजार 92 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया। फयूम की उम्र 25 वर्ष मानते हुए उसकी आय न्यूनतम मजदूरी के आधार पर तय की गई। नाबालिग बहनों के हिस्से की राशि बैंक में एफडीआर के रूप में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बीमा कंपनी करेगी भुगतान
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था और वाहन मालिक की ओर से बीमा शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। वाहन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित था, इसलिए पहले चरण में मुआवजे की पूरी राशि बीमा कंपनी को ही अदा करनी होगी। साथ ही सभी मामलों में याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।