चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूप कथित रूप से गायब होने के मामले में बर्खास्त किए गए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तीन पूर्व कर्मचारियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। तीनों ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश होकर जांच में शामिल होने की इच्छा जताई है।
अंतरिम राहत पाने वालों में पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी गुरबचन सिंह, प्रकाशन विभाग के पूर्व सुपरवाइजर गुरमुख सिंह और पूर्व क्लर्क बाज सिंह शामिल हैं। अमृतसर की अदालत ने दिसंबर 2025 में उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अकाल तख्त द्वारा गठित पैनल ने वर्ष 2013-14 और 2014-15 के लेखा रजिस्टरों की जांच के बाद एसजीपीसी के कब्जे से 328 स्वरूप गायब पाए जाने की बात कही थी। आरोप है कि इन स्वरूपों की अनधिकृत छपाई, वितरण, गुमशुदगी और गलत हैंडलिंग की गई तथा करीब 9.82 लाख रुपये की भेटा राशि का भी गबन हुआ। इसी मामले में तीनों कर्मचारियों को 2020 में बर्खास्त कर दिया गया था।