पंचकूला। सेना के जवान रोहित राणा की आत्महत्या के करीब 10 साल पुराने मामले में पंचकूला की अदालत ने उनकी सास बाला देवी समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए साढ़े तीन-साढ़े तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जबकि मृतक की पत्नी को आरोपों से बरी कर दिया गया। मामला चंडीमंदिर स्थित आर्मी कमांड अस्पताल का है, जहां रोहित राणा ने आत्महत्या की थी। जांच के दौरान पुलिस को उनके शव के पास बिस्तर पर तकिये के नीचे सुसाइड नोट मिला था। इसमें रोहित ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रोहित पर अपने माता-पिता को छोड़कर ससुराल में रहने और पूरा वेतन सास को देने का दबाव बनाया जाता था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें दहेज, मारपीट और चोरी के मामलों में फंसाने की धमकियां देने का आरोप था। अभियोजन ने दलील दी कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियों के कारण रोहित तनाव में थे।
2016 में दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में 5 सितंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के बाद बाला देवी, पवन कुमार और सुदर्शन सिंह को गिरफ्तार किया गया था। सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दोषियों की उम्र, स्वास्थ्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए राहत मांगी, लेकिन अदालत ने तीनों को साढ़े तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।