पंचकूला। एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने एक किलो 167 ग्राम चरस बरामद कर 12 फरवरी को चंडीगढ़ निवासी चरस तस्कर अमित जोशी को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मास्टरमाइंड समेत दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी चेन बनाकर चरस बेचने का काम करते थे। आरोपियों की पहचान मास्टरमाइंड हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू निवासी रविंद्र और उसके साथी गांव जग्गी जिला कुल्लू हिमाचल प्रदेश निवासी सुमित कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों आरोपियों को अंबाला की जेल में भेजने का आदेश दिया है।
ऐसे पकड़ा था पहला तस्कर
एंटी नारकोटिक्स सेल के जांच अधिकारी एएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि 12 फरवरी को चरस तस्करी में पुलिस ने सूचना पर अमित जोशी को चरस के साथ काबू किया था। वह इनोवा कार में चरस लेकर सेक्टर-19 के अभयपुर गांव की ओर आ रहा था, जब पुलिस ने कार को रुकवाकर तलाशी ली तो उसमें उक्त चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस का केस दर्ज करके उसको अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया था। उसने पूछताछ में बताया था कि वह चरस सुमित नामक व्यक्ति से लेकर आया था और वह पंचकूला में बेचने वाला था।
इस तरह पकड़ा गया मास्टरमाइंड
पुलिस ने बताया कि पहले गिरफ्तार नशा तस्कर अमित जोशी से पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी सुमित कुमार को रामगढ़ पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया है। इसको गिरफ्तार करके चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड में सुमित ने बताया कि वह चरस रविन्द्र सिंह से जिला कुल्लू हिमाचल प्रदेश से खरीदकर लाता है और बेचता है। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस क टीम ने 16 फरवरी को मास्टरमाइंड रविंद्र सिंह को कुल्लू से गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी एएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि मास्टरमाइंड रविन्द्र कई साल से कुल्लू में अवैध रूप से चरस तैयार करवाता रहा है। वह चेन बनाकर पंचकूला जिला के कई क्षेत्रों में बेचने का काम भी कर रहा था। तीनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश करके अंबाला जेल भेज दिया गया है।