पंचकूला। हरियाणा में भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव ओपी धनखड़ के बेटे आशुतोष धनखड़ पर हमला करने के तीन आरोपियों को पंचकूला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आरोपी अमनदीप सिंह, रिशव दत्त, भवनीत के रूप में हुई है। शुक्रवार को आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में तीन नामजद सहित 6 अज्ञात लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा - 191(3) , 190, 115, 126, और 351(3) के तहत सेक्टर-14 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस मामले में आरोपी अमनदीप सिंह, रिशव दत्त को मेडिकल में गहरी चोट आने की पुष्टि हुई है। हालांकि पूरा मामला बताने से पुलिस बच रही है। उधर, परिवहन मंत्री अनिल विज ने वीरवार को परिवार से मिलकर बेटे का हाल जाना।
जानकारी के मुताबिक पुलिस की जांच में रोडरेज का मामला सामने आया था। ओपी धनखड़ के बेटे आशुतोष धनखड़ पर पंचकूला में बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे हमला हुआ था। घर से 200 मीटर की दूरी पर ही हमलावरों ने आगे-पीछे गाड़ी लगाकर फिल्मी स्टाइल में उन्हें रोका। जिसके बाद दोनों गाड़ियों से उतरे 5-6 युवकों ने आशुतोष की पिटाई कर दी। बेसबॉल, बैट से आशुतोष के सिर पर कई वार किए गए। भीड़ जमा होने पर वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। हमले के बाद जख्मी हालत में आशुतोष धनखड़ ने तुरंत घर में और पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद ओपी धनखड़ वहां पहुंचे।
रात को अपनी गाड़ी से घर लौट रहे थे आशुतोष
हरियाणा में भाजपा के अध्यक्ष रह चुके ओपी धनखड़ के बेटे आशुतोष ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात करीब 9:30 बजे वह अपनी गाड़ी से सेक्टर 12-ए रैली चौक से सेक्टर-14 स्थित घर जा रहे थे। उन्हें उस वक्त किसी तरह के हमले का अंदेशा नहीं था। आरोपियों से रोडरेज के मामले में बहस के बाद मारपीट हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और ओपी धनखड़ बेटे को पंचकूला के सेक्टर- 6 स्थित सरकारी अस्पताल में लेकर गए। जहां आशुतोष के सिर का सीटी स्कैन और एक्सरे किया गया था। डॉक्टरों ने इलाज के बाद उन्हें खतरे से बाहर होने की बात कहकर घर भेज दिया। धनखड़ करीब डेढ़ घंटे तक बेटे के साथ मौजूद रहे। हमले का पता चलते ही सीएम के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी साकेत कुमार और सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार के अलावा भारी संख्या में पुलिस फोर्स वहां पहुंच गई थी।
फिल्मी स्टाइल में घेरी आशुतोष की गाड़ी
आशुतोष ने बताया कि जब वे घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पहुंचे तो एक गाड़ी ने उन्हें ओवरटेक किया। उन्हें लगा कि इसे जाने की जल्दी होगी। तभी एक गाड़ी उनकी कार का पीछा करने लगी। आगे और पीछे हमलावरों की गाड़ी ने उनकी कार को बीच में फंसा लिया। इसके बाद उन्होंने आगे-पीछे अपनी गाड़ियां रोककर उनकी कार को रुकवा लिया। आशुतोष ने बताया कि जब उन्होंने अपनी कार रोकी तो उनकी कार के आगे-पीछे चल रही गाड़ियों से 5-6 हमलावर उतरे। उनके हाथ में डंडे थे। उन्होंने नीचे उतरते ही उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उनके सिर पर बेसबॉल बैट से वार किए गए। जब वह मदद के लिए चिल्लाए तो ड्राइवर व उनके भाई ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बचाया।
भीड़ जमा हुई तो भाग निकले हमलावर
आशुतोष ने बताया कि बीच सड़क पर उनकी पिटाई देख लोग रुककर देखने लगे। थोड़ी देर में वहां भीड़ जमा हो गई। इससे हमलावरों को लगा कि कहीं वे पकड़े न जाएं, इसलिए वह तुरंत दोनों गाड़ियों में बैठकर वहां से फरार हो गए। जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने घर और पुलिस को हमले की सूचना दी।
तीन क्राइम यूनिट और एक थान पुलिस ने मिलकर की कार्रवाई
पंचकूला के डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस की तीनों क्राइम यूनिट (सेक्टर-26 सीआईए, सेक्टर-19 क्राइम ब्रांच, डिटेक्टिव स्टाफ) और सेक्टर-14 थाना पुलिस ने जांच करते हुए तीनों आरोपियों को घटना की जगह के पास से गिरफ्तार कर लिया है। हमले के वक्त ही शहर में नाकाबंदी कर दी गई थी। इसके अलावा पुलिस की एक टीम ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में मदद की। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें जुटी हैं।