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बरवाला में मर रहीं हजारों मुर्गियां..विभाग को रिपोर्ट का इंतजार

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पारले पोल्ट्री फार्म में मरी पड़ी मुर्गियां और अन्य पक्षी। - फोटो : PKL OFFICE
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बरवाला। क्षेत्र के पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों के मरने का सिलसिला जारी है। पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले मजदूर ही मरी मुर्गियों को दबा रहे हैं। संचालकों का कहना है कि मुर्गियों के मरने के कारणों का पता नहीं लगने से असमंजस की स्थिति है। पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले मजदूरों के परिवार भी वहीं रहते हैं, ऐसे में मुर्गियों के साथ उनके स्वास्थ्य की चिंता सता रही है। उचित दिशा-निर्देश और बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए मंगलवार को पोल्ट्री फार्म संचालकों ने डीसी मुकेश कुमार आहूजा से मुलाकात की थी। बुधवार को पोल्ट्री फार्म संचालक और आसपास के ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के नहीं पहुंचने से निराश नजर आए। संचालकों का कहना है कि क्षेत्र में मुर्गियां भारी संख्या में मर रही हैं। इस पोल्ट्री फार्म खाली होने के कगार पर पहुंच गए हैं। मुर्गियों को दबाने के लिए पोल्ट्री फार्म में जगह कम पड़ने लगी है। प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। पशुपालन विभाग का कहना है कि क्षेत्र से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
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अधिकारी आने की जहमत तक नहीं उठा रहे
साथी पोल्ट्री फार्म के मालिक पाल कुमार, पारले पोल्ट्री फार्म के मालिक परवेश छाबड़ा, सूरज पोल्ट्री फार्म के सुरेंद्र गोयल, तारा पोल्ट्री फार्म के राजबीर सहित दीपक अग्रवाल, लक्की और गौतम समेत अन्य पोल्ट्री फार्म संचालकों का कहना है कि उनके पोल्ट्री फार्मों पर हर रोज हजारों की संख्या में मुर्गियां मर रही हैं। बताने के बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी देखने भी नहीं आ रहे हैं। प्रशासन के पास उनके फार्म में मर रही मुर्गियाें का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में पोल्ट्री फार्मों में भारी संख्या में मुर्गियाें के मरने से उन्हें दबाने के लिए जगह कम पड़ी जा रही है। पोल्ट्री फार्म संचालकों को फार्मों में काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य को लेकर भी काफी चिंता हो रही है।
फैल सकता है संक्रमण : सरपंच
गांव बतौड़ के सरपंच लक्ष्मण दास, भीम सिंह, हेम सिंह, प्रेमचंद, मुकेश कुमार, सतपाल, एडवोकेट मनीष और सुरेश पाल का कहना है कि पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियां मरने के साथ-साथ बरवाला क्षेत्र में पक्षी भी मर रहे हैं। अगर ऐसे ही पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियां और क्षेत्र में पक्षियाें के मरने का सिलसिला चलता रहा तो बरवाला क्षेत्र में संक्रमण फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता। सरपंच लक्ष्मण दास का कहना है कि उनके गांव के आसपास पोल्ट्री फार्मों में मर रही मुर्गियाें को लेकर बीडीपीओ बरवाला का फोन तो आया लेकिन किसी भी अधिकारी ने पोल्ट्री फार्मों का जायजा नहीं लिया।
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मजदूर बोले- स्वास्थ्य की चिंता सता रही
अमर उजाला प्रतिनिधि ने बुधवार को पारले पोल्ट्री फार्म में जाकर देखा तो वहां काफी मुुर्गियां मरी पड़ी थी। पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले मजदूर जीवायू सिंह, बुध राम, प्रभू, जुनद, पंडा और साथी पोल्ट्री फार्म के मुंशी हरी ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्मों में ही रह रहे हैं। ऐसे में पोल्ट्री फार्मों में भारी तादाद में मर रहीं मुर्गियाें की मौत ने उनको भी चिंता में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके स्वास्थ्य की भी डॉक्टरों की टीम द्वारा कोई जांच नहीं की गई है।
बरवाला क्षेत्र के करीब 40 से 50 पोल्ट्री फार्मों के सैंपल लेकर भोपाल लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजे हैं। जिन पोल्ट्री फार्मों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी और बर्ड फ्लू की पुष्टि हो जाती है तो उनके एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी पोल्ट्री फार्मों की मुर्गियाें को मारा जाएगा ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जिला प्रशासन की तरफ से अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो पूरी सतर्कता से कार्य कर रही हैं। - रणजीत सिंह, एसडीओ, पशु पालन विभाग पंचकूला
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