भर्ती होने के लिए नहीं मिले बेड, दिनभर भूखे रहने के बाद लौटे मरीज
सर्जिकल कैंप में रजिस्ट्रेशन के बाद बेड का इंतजार करते रहे मरीज
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में आयुष्मान भारत सर्जिकल कैंप में सात फरवरी तक होंगे ऑपरेशन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सोमवार को विशेष सर्जिकल कैंप के दौरान अव्यवस्था का आलम यह रहा कि बिना बेड की व्यवस्था के मरीजों को इलाज के लिए बुला लिया गया। आधी अधूरी तैयारियों के साथ लगाए गए सर्जिकल कैंप में कुल 15 मरीजों की सर्जरी हुई। इस कैंप में आंख, ईएनटी, हड्डी, गायनी और पित्त की थैली की सर्जरियां होनी थीं।
कैंप में करीब 40 मरीज सर्जरी के लिए बुलाए गए। अव्यवस्था इस कदर रही कि सर्जरी के लिए 40 मरीज भूखी हालत में बुला तो लिए, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त बेड ही नहीं उपलब्ध हो सके। इस कारण 25 मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सका और घर भेज दिया गया। हालांकि मंगलवार को फिर से उन्हें कैंप में इलाज के लिए बुलाया गया है। सर्जिकल कैंप में बुलाए गए मरीज अस्पताल में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ऑपरेशन चलने तक भूखे बैठे रहे। उनके साथ आए तीमारदार भी परेशान हुए।
शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में लगाए गए कैंप में 2 से 7 फरवरी तक 150 ऑपरेशन करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन अस्पताल प्रशासन की ओर से 40 लोगों को ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। इस दौरान 15 मरीजों की ही जनरल सर्जरी, आंख, ईएनटी, हड्डी और गायनी की सर्जरी हुई। पहले दिन की गई सर्जरियों में 3 स्त्री रोग (गायनेकोलाॅजी), 6 जनरल सर्जरी, 2 आर्थोपेडिक, 2 नेत्र रोग (आंखों की) और 2 ईएनटी से संबंधित ऑपरेशन शामिल रहे।
सर्जरी वार्ड में काम चलने के कारण सेकेंड फ्लोर पर सर्जरी वार्ड बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन सर्जरियों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि आयुष्मान भारत/चिरायु हरियाणा योजना के पात्र मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
ये लोग रहे परेशान
बेटे को भर्ती नहीं किया गया
बेटे की पेशाब नली का ऑपरेशन होना है। सुबह आठ बजे आ गए थे। कैंप में ऑपरेशन की बात कही थी। बेड नहीं होने के कारण वापस भेज दिया। अब दोबारा फिर से आना पड़ेगा। -जयप्रकाश, निवासी अभयपुर, तीमारदार
टेस्ट के नाम पर दिनभर खाली पेट रहे
मुझे टेस्ट के नाम पर दिनभर खाली पेट रखा। पेट का ऑपरेशन होना था। इसके बाद ऑपरेशन नहीं हो पाया है। दिनभर भूखे रहने के बाद वापस भेज दिया। इस कारण कल फिर खाली पेट आना पड़ेगा। -शिवानी, निवासी पिंजौर, मरीज
पैर की गांठ का ऑपरेशन नहीं हुआ
पैर में बचपन से गांठ बनी हुई है। इसका ऑपरेशन किया जाना था। कागज जमा कराने के बाद अस्पताल में भर्ती नहीं किया। ऑपरेशन के लिए कल फिर सुबह आने को कहा है। - पारस, निवासी भरेली, मरीज
ऑपरेशन नहीं हो पाया
मेरी पित्त की थैली का ऑपरेशन नहीं हुआ। दिनभर जांच करवाने के बाद इंतजार करते रहे। अस्पताल के वार्ड में बेड नहीं मिला। इस कारण फिर से आना पड़ेगा। - निशा, निवासी कालका
कोट
आयुष्मान योजना के तहत 15 मरीजों की सर्जरी की जा रही है। जो मरीज गंभीर हैं उन्हें भर्ती किया जा रहा है। कुछ मरीज पहले से भर्ती हैं। सर्जरी वार्ड का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण टेंपरेरी वार्ड होने के कारण बेड न मिलने पर मरीजों को घर भेजा गया। ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वाले सभी मरीजों का ऑपरेशन किया जाएगा। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला, स्वास्थ्य विभाग