चंडीगढ़ में बैठक के लिए पहुंचे आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी।
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ई नेम पोर्टल के विरोध और अन्य मांगों को लेकर हरियाणा में हड़ताल पर चल रहे आढ़तियों और प्रदेश सरकार के बीच डेढ़ घंटे तक चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई। हरियाणा निवास में हुई बैठक में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण आढ़तियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया। आढ़तियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, उनका सघंर्ष जारी रहेगा।
सोमवार को प्रदेशभर की मंडियों में आढ़तियों की हड़ताल रही। इससे मंडियों में फसलों की खरीद नहीं हो सकी। प्रदेश में हड़ताल के चलते करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। शाम को प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल के साथ बैठक के लिए आढ़तियों के प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ़ बुलाया गया। शाम छह बजे आढ़ती हरियाणा भवन पहुंच गए, लेकिन कृषि मंत्री जेपी दलाल बैठक में नहीं पहुंचे। इसके बाद सरकार की ओर से कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव पंकज अग्रवाल व मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक सुजान सिंह बैठक में पहुंचे। करीब बढ़े घंटे तक चली बैठक में आढ़तियों ने अपनी मांगें दोहराई।
आढ़तियों ने साफ किया कि वह ई नेम पोर्टल के माध्यम से खरीद नहीं करेंगे। इसलिए पहले की तरह ही व्यवस्था बहाल की जाए। अधिकारियों ने कहा कि वह इस संबंध में कृषि मंत्री जेपी दलाल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बात करेंगे, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। ऐसे में बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद आढ़तियों ने हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने की घोषणा कर दी।
हरियाणा स्टेट मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अशोक गुप्ता और चेयरमैन रजनीश चौधरी ने कहा कि आढ़तियों के पहले तय कार्यक्रम जारी रहेंगे। 21 सितंबर को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसके बाद आगामी रणनीति का खुलासा किया जाएगा। उधर, कृषि मंत्री जेपी दलाल पहले ही कह चुके हैं कि ई नेम पोर्टल किसानों के हित में है और इसके माध्यम से ही मंडियों में खरीद होगी।
ई-ट्रेडिंग से किसान और आढ़ती नाराज : बजरंग गर्ग
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि अनाज की खरीद ई-ट्रेडिंग करने के आदेश से किसान व आढ़तियों में बड़ी भारी नाराजगी है। सरकार नए-नए फरमान जारी करके किसान व आढ़तियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरकार को फसल पहले की तरह खुली बोली में मंडी के आढ़तियों के माध्यम से खरीदनी चाहिए। गर्ग ने कहा कि सरकार ने धान पर मार्केट फीस व एचआरडीएफ दोनों मिलाकर जो 1 प्रतिशत था उसे बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है जिससे किसानों को बड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर सरकार ने व्यापारी व किसानों की मांगों को नहीं माना तो हरियाणा की मंडी अनिश्चितकाल बंद रहेगी और सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का व्यापारी व किसान सड़कों पर उतर कर जोरदार आंदोलन करेगा।