बरवाला। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सब सेंटरों पर आने वाले मरीजों को सभी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। इसके चलते मरीज और तीमारदार कुछ दवाइयां बाहर से खरीदने को मजबूर हैं। अमर उजाला की टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोट में मरीजों से बातचीत की तो यह खुलासा हुआ। मरीजों ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य केंद्र से कुछ दवाइयां मिलती हैं कुछ नहीं। बरवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से बातचीत की गई तो वहां एक - दो को छोड़कर लगभग सभी दवाइयां मरीजों को मिल रहीं थी। सब सेंटर जलौली, मौली और ककराली में भी लगभग सभी सामान्य दवाइयां मरीजों के लिए उपलब्ध थीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरवाला के इंचार्ज डॉ. मोहित शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज की दवाई तो उपलब्ध हैं, परंतु हैपेटाइटिस की दवाई उपलब्ध नहीं है। हैपेटाइटिस के मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सेक्टर -6 नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोट की इंचार्ज डॉ. हरपिंदर कौर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। जब स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाकर और दवाई लेकर जा रहे मरीजों से बातचीत की गई तो उन्होंने अपने कार्ड दिखाकर बताया कि उन्हें स्वास्थ्य केंद्र से कुछ दवाइयां मिली हैं, और कुछ बाहर से लिखी गई हैं। ऐसे में मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी दवाइयां न मिलने के कारण उन्हें बाजार से खरीदना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में पैरासिटामोल, बी -कांप्लेक्स, अल्बेंडाजोल, आइब्रू प्रोफैन टेबलेट, फ्लुकोनाजोल इत्यादि दवाइयां उपलब्ध नहीं थी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोट में बुखार की सामान्य दवाई पैरासिटामोल नहीं मिली है। - शरीफ मोहम्मद गांव टिब्बी
वह अपने पोते यश के इलाज के लिए आए थे। यहां से उन्हें कुछ दवाइयां तो मिली लेकिन डॉक्टर द्वारा लिखी गई पेट के कीड़े की दवाई अल्बेंडाजोल एक केंद्र से नहीं मिली जो उन्हें बाजार से खरीदनी पड़ी। - जनक राज, गांव रत्तेवाली
डॉक्टर द्वारा लिखी गई फ्लुकोनाजोल एलर्जी की दवाई स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध न होने के कारण नहीं मिली। यह उनको बाजार से खरीदनी पड़ी है। - उषा देवी, गांव कोट
उन्हें स्वास्थ्य केंद्र से सामान्य कमजोरी की दवाई बी कांप्लेक्स नहीं मिली है। यह उनको बाजार से खरीदना पड़ी। - राम कुमारी, गांव कोट निवासी