संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। चंद पैसों के लालच एक महिला ने अपनी मां, आशा वर्कर व सरकारी अस्पताल के स्टाफ के साथ मिल अपने ही नवजात बच्चे को बेच दिया। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जिन दिनों आरोपी महिला की डिलीवरी हुई उस दौरान महिला का पति आगरा में इलाज करवा रहा था। डिलीवरी होने के बाद महिला ने अपने पति को झूठ बताया कि उसे बेटा हुआ था लेकिन उसकी उसकी मौत हो गई। यह बात सुन सदमे में महिला के पति ने दम तोड़ दिया। इस घटना के एक माह बाद महिला के ससुर ने उसके फोन की रिकाॅर्डिंग सुनी, तो उसने कई राज खोल दिए। इससे पता चला कि महिला ने पैसों की खातिर बच्चा बेचा है। इससे बाद धांधरा रोड के शहीद भगत सिंह नगर इलाके में रहने वाले गजराज सिंह ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। थाना दुगरी पुलिस ने धांधरा रोड के रूप नगर इलाके में रहने वाली गजराज की पुत्रवधु रीटा, उसकी मां प्रेमा देवी, आशा वर्कर रेनू, अस्पताल कर्मी कुनाल और राम कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गजराज सिंह ने बताया कि उसके बेटे सन्नी की शादी रीटा के साथ हुई थी। कुछ समय पहले उसके सन्नी की तबीयत खराब हो गई। अप्रैल माह में वह बेटे को आगरा अस्पताल में इलाज के लिए ले गया। जुलाई माह में रीटा ने बेटे को जन्म दिया गया, लेकिन उसने पैसों की खातिर उसे बेच दिया। रीटा ने सन्नी को बताया कि उसने बेटे को जन्म दिया था लेकिन उसकी मौत हो गई। सन्नी की सदमे से अगले ही दिन मौत हो गई। गजराज ने बताया कि सन्नी ने उसे फोन रिकाॅर्डिंग के बारे में बताया था। उसने एक महीने पहले बहु के फोन की रिकाॅर्डिंग सुनी तो उसकी और उसकी मां की बातें सामने आ गईं। उसे पता चला कि उसने अपना बेटा बेच दिया है। उसने सारे सबूत इकट्ठा कर इसकी शिकायत पुलिस को दी। जांच अधिकारी एएसआई बलदेव सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।