चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा 19 और 20 जून को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने के लिए विधानसभा के स्पीकर को सूचित कर दिया है। आमतौर पर विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल की अनुमति ली जाती है लेकिन इस बार सरकार को इसकी आवश्यकता नहीं है। इसका मुख्य कारण है कि अब तक पंजाब विधानसभा का बजट सत्र जारी है और उसका सत्रावसान नहीं हुआ है। इस तरह, उक्त दो दिवसीय सत्र भी विधानसभा के चालू बजट सत्र का ही हिस्सा होगा। विधानसभा सत्र आयोजन के नियमानुसार, किसी भी सत्र के समापन पर उसका सत्रावसान जरूरी होता है, जिससे संबंधित सत्र समाप्त माना जाता है। पंजाब सरकार ने फरवरी में बुलाए बजट सत्र के बाद अब तक राज्यपाल को सत्रावसान के बारे में फाइल नहीं भेजी है। सत्रावसान की घोषणा राज्यपाल द्वारा ही की जाती है। मौजूदा हालात में विधानसभा का बजट सत्र, बकौल स्पीकर- ‘विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित’ की गई है यानी बजट सत्र की अगली बैठक बुलाने का विकल्प खुला है। इस नियम के आधार पर अब राज्य सरकार की ओर से विधानसभा स्पीकर को दो दिन के सत्र के लिए सूचना भेज दी गई है। उसके आधार पर विधानसभा द्वारा सभी सदस्यों को दो दिन के सत्र में मौजूद रहने के लिए पत्र जारी किया जाएगा।
विधानसभा के कार्यकारी स्पीकर ने बताया कि सरकार की तरफ से दो दिन के सत्र की सूचना आ गई है और अभी सत्र के एजेंडे का इंतजार है। उसी के आधार पर सत्र की कार्यवाही की रूपरेखा तैयार होगी।