पंचकूला। जिले के 425 स्कूलों मेंं बनने वाले मिड डे मील का गेहूं अब स्कूल के शिक्षकों की ओर से पिसवाया जाएगा। फोर्टिफाइड आटे की जगह स्कूलों को रोटी बनाने के लिए गेहूं दिया जाएगा। आटे मेंं कीड़े की शिकायत के बाद बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतरीन करने के लिए यह फैसला शिक्षा विभाग की ओर से लिया गया है। फोर्टिफाइड आटे के जल्द खराब होने की शिकायत के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
शहर के स्कूलों मेंं अभी एक महीने पहले तक फोर्टिफाइड आटा दिया जाता था। मिड डे मील की जांच मेंं पंचकूला सहित कई जिलों में शिकायत आई है कि यह आटा खराब हो जाता है। इससे बच्चोंं के स्वास्थ्य पर गलत असर पड़ सकता है। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए आटे की जगह गेहूं दिया जाने लगा है। शिक्षक अपने स्तर पर अब इसे आवंटित करवाएंगे। बच्चोंं के लिए स्कूल स्वास्थ्य के लिए सात दिन तक गेंहू से बनी रोटी और दलिया दिया जाता है। इसमेंं दलिया बच्चोंं को खिलाने के लिए भी शिक्षक इसे तैयार करेंगे। इससे विद्यार्थियोंं का स्वास्थ्य बेहतरीन बना रहेगा।
पंचकूला जिला शिक्षा अधिकारी संध्या मलिक ने बताया कि ताजा गेहूं पिसवाकर खिलाने से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा। इसके साथ ही भोजन की पौष्टिकता और स्वाद दोनों में सुधार होगा। विभाग की ओर से यह बदलाव विद्यार्थियोंं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण दे सकेगा। इस नियम को नवंबर से शुरू कर दिया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी तैयारी कर ली गई है। जिला के प्रिंसिपल के साथ बैठक कर इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसमेंं शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी ताकि विद्यार्थियोंं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके। इसकेे लिए शिक्षकों के आने वाली तकनीकी दिक्कत को दूर कर सही तरीके स गेहूं का आटा दिया जा सकेगा।
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पहली से आठवीं तक के चालीस हजार बच्चोंं को परोसा जाता है मिड डे मील
पंचकूला सहित कालका, पिंजौर, मोरनी और रायपुररानी में पहली से आठवीं तक के चालीस हजार बच्चोंं को स्कूलों में मिड- डे- मील परोसा जाता है। इसमें फोर्टिफाइड आटा तीन महीने के लिए दिया जाता था। आटे मेंं कई बार इस आटे में कीड़े निकले। इसके निकलने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य खराब हो जाता है। इसकी देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है।
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शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश जारी करने के बाद स्कूलोंं के प्रिंसिपल के साथ बैठक कर गेहूं दिए जाने की जानकारी दी गई है। इसे शिक्षक अपने स्तर पर देखरेख में पिसवाएंगे और बच्चों के बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। नवंबर से यह गेहूं स्कूलोंं को दिया जाएगा। - संध्या मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग