ट्राइसिटी में पंचकूला में सबसे ऊंचा 180 फीट का रावण का पुतला जलाया जाएगा। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के 100-100 फीट ऊंचे पुतले भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
पंचकूला में इस बार दशहरा उत्सव ऐतिहासिक होने वाला है। ट्राइसिटी में पंचकूला में सबसे ऊंचा 180 फीट का रावण का पुतला जलाया जाएगा। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के 100-100 फीट ऊंचे पुतले भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
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पुतला निर्माता उस्मान मुहम्मद कुरैशी ने बताया यह रावण का पुतला 180 फीट ऊंचा है, जबकि मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले 100 फीट ऊंचे हैं। मैंने पहली बार इस प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट लिया है। मेरे परिवार के 8 लोग और 8 अन्य सहायक इस काम में जुटे हैं। इन पुतलों को बनाने में करीब 4500 बांस का उपयोग किया गया है और दो लाख रुपये की लागत वाला कपड़ा इस्तेमाल हुआ है।
180 फीट ऊंचे रावण के पुतले की कुल लागत 18 लाख रुपये है। बता दें की पंचकूला में शालीमार ग्राउंड में दशहरा उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट दशहरा कमेटी और आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब की ओर से संयुक्त तौर पर दशहरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। लगभग एक दशक बाद शालीमार ग्राउंड में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का एक साथ दहन किया जाएगा। पिछले कुछ साल से इस ग्राउंड में केवल रावण के पुतले का ही दहन किया जा रहा था क्योंकि वह उत्तर भारत का सबसे ऊंचा रावण का पुतला होता था।