- रोडवेज ने चालक-परिचालक को किया सस्पेंड, जांच शुरू
- चार विद्यार्थियों के हाथों में फ्रैक्चर, एक वृद्धा पीजीआई रेफर
- गनीमत रही पेड़ का सहारा मिल गया वरना खाई में गिरती बस
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद
पंचकूला। तेज रफ्तार सिटी बस सोमवार सुबह पिंजौर के गांव नोल्टा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। लोगों ने बस का शीशा तोड़कर सवारियों को बाहर निकाला। बस ओवरलोड थी। 34 सीटों वाली बस में करीब 110 लोग सवार थे, जिनमें से 61 घायल हुए हैं। घायलों में स्कूल-कॉलेज के 55 विद्यार्थी हैं।
गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। घायलों को आनन-फानन पिंजौर के पॉलीक्लीनिक और वहां से पंचकूला फेज-6 के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। एक वृद्धा को पीजीआई रेफर किया गया है। पिंजौर पुलिस ने केस दर्ज कर बस चालक यशपाल को हिरासत में ले लिया है। वहीं, हरियाणा रोडवेज ने चालक-परिचालक दोनों को सस्पेंड कर दिया है।
बस डखरोग से कालका जा रही थी। सुबह करीब 6.40 बजे बस में स्कूल-कॉलेज के 80 बच्चों समेत अन्य यात्री सवार हुए। 110 यात्रियों के अलावा बस में टमाटर के क्रेट समेत अन्य सामान भी रखे गए थे। घायल यात्रियों ने बताया कि चालक तेज गति से बस चला रहा था। गांव नोल्टा के पास तेज मोड पर पहुंची तो चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया जिससे बस पलट गई। गनीमत रही कि एक पेड़ का सहारा मिल गया वरना बस कई फीट नीचे खाई में जाकर गिरती। बस के पलटते ही यात्री एक दूसरे के ऊपर गिरे और चीख-पुकार मच गई। लोगों ने बस के आगे का शीशा तोड़कर सभी को बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को पिंजौर के पॉलीक्लीनिक पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को पंचकूला के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि चार विद्यार्थियों के हाथों में फ्रैक्चर आया है जबकि एक वृद्धा का हाथ बुरी तरह कुचल गया है। उन्हें उपचार के लिए पीजीआई रेफर किया गया है। वृद्धा की पहचान तारो देवी के रूप में हुई है। डाक्टरों के मुताबिक, वृद्धा का हाथ काटना पड़ेगा। बस का परिचालक संदीप भी बुरी तरह घायल है।
चालक-परिचालक बोले- विद्यार्थी जबरदस्ती चढ़ जाते हैं बस में
चालक यशपाल और परिचाल संदीप ने बताया स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी जबरदस्ती बस में चढ़ जाते हैं। रोकने पर अधिकारियों से फोन करवाकर दबाव बनाते हैं। गांव के लोग भी टमारट और अन्य सब्जियां क्रेटों में भरकर जबरन बस की छत पर रख देते हैं। वहीं, यात्रियों ने आरोप लगाया कि कंडक्टर पैसे लेने के बाद भी टिकट नहीं देता।
ये हुए हैं घायल
घायलों में कोमल (11), रिद्धिमा (11), निशा (13), लता (12), निधि (14), दिव्या (14), निशा (14), हेमलता (14), हिमांशी (14), मुस्कान (15), हिना (15), देविका (15), अंकिता (15), प्रिया (15), सोनिया (15), सुमन (15),तेजल (15) प्रीति (16), हर्षिता (16), वर्षा (16), रितिका (17), दीपिका (18), रीमा (14), पीयूष (11), मयंक (12), गुलशन (13), चेतन (14), विशाल (14), मोहित (15), लक्की (15), पंकज (16), विनय (20), संदीप (36), देविंदर (34) और तारा देवी (60) हेमराज (61) सहित अन्य शामिल हैं।
हादसे की जांच कराए सरकार : विधायक प्रदीप चौधरी
हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंचे कालका विस क्षेत्र के विधायक प्रदीप चौधरी ने सरकार से हादसे की जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना। रोडवेज की खस्ताहाल बसों पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में जो बसें चलाई जाएं वे सही हालत में होनी चाहिए। बसों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को सहुलियत मिले। जर्जर हो चुकी सड़कों की भी जांच की जाए क्योंकि डखरोग तक पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
घायल तारो देवी के पति हेमराज की शिकायत पर बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। - सोमवीर सिंह, एसएचओ, थाना पिंजौर
हादसे की जांच की जा रही है। घायल सभी बच्चों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग को कहा गया है कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न आने पाए। - डॉ. यश गर्ग, डीसी, पंचकूला
सिविल अस्पताल में पिंजौर से रेफर होकर 44 मरीज आए हैं। सभी का इलाज किया गया है। एक महिला गंभीर रूप से घायल थी। उसे पीजीआई रेफर किया गया है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल
बस के ओवरलोड होने और तेज रफ्तार से चलाने पर चालक-परिचालक को सस्पेंड कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अब गांव नोल्टा से दो बसों का संचालन किया जाएगा। बड़ी बसों का संचालन रोड ठीक नहीं होने के कारण नहीं किया जा सकता। इस कारण मिनी बसों का संचालन ही किया जाएगा। - अशोक कौशिक, जीएम, पंचकूला बस स्टैंड
सदमे में थे बच्चे, डॉक्टरों ने की काउंसलिंग
हादसे में घायल कई बच्चे सदमे में थे। ऐसे में इलाज के साथ डॉक्टरों को उनकी काउंसलिंग भी करनी पड़ी। वहीं, घायलों की संख्या अधिक होने के कारण सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में बेड कम पड़ गए। ऐसे में एक बेड पर दो-दो घायलों को भर्ती करना पड़ा। वहीं, अस्पताल में एसी खराब होने से भी घायलों को उमस झेलनी पड़ी। सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी में 10 डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। चार बच्चों के हाथ में फ्रैक्चर आया है। अन्य को चोट लगी है। सभी का इलाज किया जा रहा है।
लोग बोले-पीडब्ल्यूडी व रोडवेज के साथ प्रशासन भी जिम्मेदार
पिंजौर। पिंजौर रायतन क्षेत्र के गांव नोल्टा के पास हुए बस हादसे के बाद आनन-फानन में हरियाणा रोडवेज के आला अधिकारियों ने चालक व परिचालक को निलंबित कर अपना पल्ला झाड़ लिया लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हादसे के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग व हरियाणा रोडवेज के साथ प्रशासन भी पूरी तरह से जिम्मेदार है।
लोगों ने बताया कि सड़क की हालात बदहाल है। एक साल से ज्यादा समय से डखरोग की ओर जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील है लेकिन मरम्मत नहीं हो रही। हालत यह है कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है। कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
लोगों ने बताया कि बीते कई महीनों से बस ओवरलोड चलाई जा रही थी। हरियाणा रोडवेज और प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। लंबे समय से बसों की संख्या और फेरे बढ़ाने की मांग हो रही है लेकिन अब तक काई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
पहाड़ी क्षेत्रों का सर्वे करवाकर बसों की संख्या बढ़ाएंगे : असीम गोयल
पंचकूला। हरियाणा के परिवहन व महिला एवं बाल विकास मंत्री असीम गोयल ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र के गांवों का सर्वे करवाया जाएगा। अगर किसी क्षेत्र में सरकारी बसों की संख्या बढ़ानी पड़ी तो अवश्य बढ़ाई जाएगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य बस सेवा मुहैया करवा कर आमदनी बढ़ाना नहीं है बल्कि नागरिकों को समय पर सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकता है। सोमवार को पंचकूला जिला के पिंजौर क्षेत्र में बस सड़क दुर्घटना में घायल स्कूली बच्चों का पंचकूला के सिविल अस्पताल में हाल पूछने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
परिवहन मंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायल विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों का हाल जाना और उन्हें ढाढ़स बंधाया कि प्रदेश सरकार ने उनके इलाज के लिए डॉक्टरों को निर्देश दे दिए हैं। घायलों के परिजनों से भी मुलाकात की और दुर्घटना के कारणों को जानने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि एक परिवहन अधिकारी प्रदीप अहलावत की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रथम दृष्टया हालातों को देखते हुए सरकारी बस के चालक और परिचालक को सस्पेंड कर दिया गया है।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए असीम गोयल ने बताया कि आज जिस रूट पर बस दुर्घटना हुई है। उस रूट के लिए कल 9 जुलाई से दो बसों का चक्कर शुरू करने के पंचकूला जिला के रोडवेज महाप्रबंधक अशोक कौशिक को निर्देश दे दिए हैं ताकि यात्रियों की अधिकता के कारण एक बस ओवरलोड न हो। उन्होंने बताया कि उनकी मुख्यमंत्री नायब सिंह से भी फोन पर बात हुई है जिस पर मुख्यमंत्री ने दुर्घटना को खेदजनक बताते हुए संबंधित रूट पर बसों को उचित प्रबंध करने की बात कही है। इस अवसर पर पूर्व विधायक लतिका शर्मा, एसडीएम गौरव चौहान, सीएमओ डॉ मुक्ता कुमार भी साथ रहीं।
विस अध्यक्ष समेत कई नेता पहुंचे अस्पताल
बस पलटने की जानकारी मिलने के बाद सिविल अस्पताल में सोमवार हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा की वरिष्ठ नेता लतिका शर्मा, कालका विधायक प्रदीप चौधरी, कांग्रेसी नेता अजय गौतम, पंचकूला जिला जजपा के कार्यकारी अध्यक्ष भाग सिंह दमदमा, पूर्व शहरी जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग और वरिष्ठ जजपा नेता केसी भारद्वाज सहित सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी लोगों ने घायलों का हाल चाल जाना।
अनियंत्रित होकर पलटी बस
सुबह ड्राइवर बस काफी तेज चला रहा था। ड्राइवर को बस धीरे चलाने के लिए कई बार कहा गया लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी। बस में 100 से ज्यादा यात्री सवार थे। बस ओवरलोड होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। मेरे हाथ, पैर और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं। - प्रिंस सिंह, छात्र
सड़क जर्जर होने से बस पलटी
नोल्टा से डखरोग के बीच सड़क जर्जर है। इस मार्ग पर इतने गड्ढे हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल है। सड़क आठ साल पहले बनी थी तब से अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। बस पलटने के बाद नेता से लेकर मंत्री तक पहुंचे हैं। - शक्ति सिंह, छात्र
जर्जर सड़क की वजह से यह हादसा हुआ। मैं इस सड़क से रोज आती-जाती हूं। हमेशा डर बना रहता था कि कोई हादसा न हो जाए। आज बस चालक की लापरवाही से हादसा हो गया। मेरे बाजू में चोट आई है। हादसे के बाद मुझे चक्कर आ रहा था। - लता, छात्रा
नोल्टा से डखरोग के बीच सड़क बहुत खराब है। इस कारण यह हादसा हो गया। बस के पलटने के बाद मेरा सिर फट गया। मैं बेहोश हो गई थी। -रितिका, छात्रा