संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। नगर परिषद के वार्ड नंबर 23 में रेलवे लाइन के साथ सीमेंटिड ब्लाॅक से बनी करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क लोगों के लिए असुविधा का कारण बनी हुई है। इस सड़क के निर्माण पर स्थानीय लोगों ने सवालिया निशान उठाया है। सड़क निर्माण के कुछ महीने बाद से ही सड़क कई जगह से धंस गई है। अब कई जगह रोड के हालात ऐसे हैं कि सीमेंट ब्लॉक के नीचे की मिट्टी धंसने से पेवर ब्लॉक हवा में ही लटक रहे हैं। अगर कोई वाहन इन ब्लॉक के ऊपर से गुजरेगा तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह रोड कई जगह से टूट चुकी है।
बरसात के मौसम में तो इस पर चलना खतरे से खाली नहीं है। उक्त रोड से स्कूल बसों की आवाजाही हाेती है, अगर जल्द इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इन दिनों नालागढ़ रोड के रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण चल रहा है। नगर निगम के कार्यकाल में यह सड़क करीब ढाई वर्ष पूर्व बनी थी। सड़क बनने के कुछ माह बाद ही यह धंसनी शुरू हो गई थी। इसके चलते कई छोटे, बड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। गजेंद्र शर्मा प्रधान गणपति रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मांग की है कि यह जर्जर रोड अब लोगों के लिए समस्या बन चुकी है।
इस रोड को दोबारा बनाया जाए। अगर नगर परिषद ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया तो हादसे की जिम्मेवारी नगर परिषद अधिकारियों की होगी। नगर परिषद के अधिकारी सड़क धंसने का ठीकरा जनस्वास्थ्य विभाग पर फोड़कर कहते हैं कि विभाग द्वारा बिछाई गई सीवर लाइन और बनाए गए सीवर चैंबर में लीकेज के कारण ऐसा हुआ है। सीवर टैंक में किसी भी प्रकार की लीकेज जैसी समस्या नहीं है।
उक्त सड़क बनने से पहले सीवर लाइन बिछाई गई थी। उसके बाद सीमेंटिड ब्लाॅक से रोड का निर्माण किया गया। सड़क वहीं से दबी है जहां सीवरेज लाइन बिछाई गई है। इस सड़क को दोबारा बनवाने के लिए इसका एस्टीमेट बनाया गया है। सुभाष जेई नगर परिषद।