स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में फर्जी सिग्नेचर से भुगतान की कोशिश, चार गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत सामने आया 25 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का मामला अब करीब 9 करोड़ रुपये के संभावित घोटाले में बदल चुका है। जिला परिषद सीईओ के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से भुगतान की फाइल मुख्यालय भेजे जाने का खुलासा होते ही हड़कंप मच गया। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो फरार हैं।
जिला परिषद के अकाउंट्स ऑफिसर की शिकायत के अनुसार, एडीसी एवं जिला परिषद की सीईओ निशा यादव के फर्जी हस्ताक्षर कर मुख्यालय को भुगतान प्रस्ताव भेजा गया था। फाइल में निजी एजेंसी के खाते में 20 लाख रुपये और एक कर्मचारी के खाते में 5 लाख रुपये आरटीजीएस से ट्रांसफर करने की सिफारिश की गई थी।
मुख्यालय स्तर पर हस्ताक्षरों पर संदेह होने के बाद जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ और सेक्टर-7 थाना पंचकूला में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान घोटाले की संभावित राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
एडीसी कार्यालय द्वारा गठित जांच कमेटी मामले की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दायरे में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम भी आ सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे संभव हैं।